जनभावना को दरकिनार कर प्रशासन कौन सी व्यवस्था दुरुस्त करना चाह रही है – पब्लिक वॉइस
जनभावना पर विधायक व महापौर की चुप्पी शहर के लिये दुर्भाग्यजनक – पब्लिक वॉइस
प्रशासन यदि जनसमस्या को लेकर वाकई में गंभीर है तो शराब दुकान हटाना और वनवे को तत्काल रद्द करना प्राथमिकता होनी चाहिये – पब्लिक वॉइस*
जगदलपुर /प्रशासन द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिये लगभग दो सप्ताह पूर्व शहर के दो प्रमुख मार्गों को वनवे किया गया था। इस व्यवस्था के लागू होते ही इसका विरोध शुरू हो गया था बावजूद इसके प्रशासन इसपर पुनर्विचार न कर इस एकतरफा निर्णय को जनता पर थोपे हुये है।
इस व्यवस्था से जहाँ ट्रैफिक दबाव कम होने का दावा किया जा रहा था वहीं इसके विपरीत लोग लगातार इससे परेशान ही हो रहे हैं।
सामाजिक संगठन पब्लिक वॉइस के रोहित सिंह आर्य ने कहा कि यह शहर के लिये बहुत ही दुर्भाग्य का विषय है कि हर तबके से इतने विरोध के बावजूद भी वनवे व्यवस्था को अबतक यथावत रखा गया है जबकि वनवे का फायदा केवल शराब दुकान को होता दिख रहा है। राहगीरों के अलावा स्थानीय व्यपारियों, बच्चों, बुजुर्ग और महिलाओं को इस रास्ते से असहजता के साथ गुजरना पड़ रहा है।
आर्य ने आगे कहा कि चूंकि देश मे आदर्श आचार संहिता लागू है तो लोग व संगठन शराब दुकान और वनवे का विरोध लगातार सोशल मीडिया और अन्य पत्राचार-ज्ञापन के माध्यम से कर रहे हैं। क्षेत्र के सम्मानीय अख़बार लगातार इसके दुष्परिणाम और जनसमस्या को प्रकाशित कर रहे हैं पर बावजूद इसके यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि अबतक विधायक और महापौर ने इस ओर ध्यान नही दिया है जबकि यह उनके एक कॉल का काम है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन यदि जनसमस्याओं को लेकर इतनी ही गंभीर है तो तत्काल शराब दुकान को हटाने पर प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए और वनवे व्यवस्था रद्द कर देना चाहिये। आर्य ने आगे कहा कि यह शहर के लोगों के लिये भी बहुत बड़ा सबक है कि जनभावना के विरुद्ध किसी भी नियम को लागू कर दिया जाता है और जनता गिड़गिड़ाते रहती है। सभी को एकजुट होकर ऐसे एकतरफा निर्णयों का विरोध प्रबलता से करना होगा।



