राष्ट्रीय

श्रमिकों की आज भी सुरंग में बीतेगी रात,मशीन के आगे बाधा आने से रुकी ड्रिलिंग

फंसे मजदूरों से अंदर की तरफ से मलबा हटवाने की तैयारी

लोहे का अवरोध आने से ऑगर मशीन लक्ष्य से नौ मीटर पहले रुक गई। जिसके बाद अवरोधों को काटकर हटाने का काम तो शुरू हुआ लेकिन इस बात पर भी विचार शुरू हो गया कि क्यों ने फंसे मजदूरों से ही अंदर की तरफ से नौ मीटर मलबा हटवा दिया जाए।

 

25 मिमी की सरिया व लोहे के पाइप बने ड्रिलिंग में बाधा

इस बार भूस्खलन के मलबे में 25 मिमी की सरिया व लोहे के पाइप ड्रिलिंग में बाधा बने हैं।ऑगर मशीन के आगे आई बाधाओं को हटाने का काम शुरू किया जा रहा है। इसमें सात से आठ घंटे का समय लगता है। बरमा निकाल कर आगे आई बाधाओं को एक टीम पाइप में घुसकर गैस कटर से काट रही है।

 

मशीन के सामने आए लोहे क पाइप, रुका ड्रिलिंग का काम

सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए ड्रिलिंग कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन के सामने फिर बाधा आ गई। आज साढ़े चार बजे मशीन से करीब 24 घंटे बाद फिर ड्रिलिंग शुरू की गई थी, लेकिन फिर ऑगर के आगे सरिया व लोहे के पाइप आ गए हैं। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने कहा कि मशीन के आगे बार-बार लोहे की चीजें आने से ड्रिलिंग का कार्य प्रभावित हो रहा है। बताया कि अभी 47 मीटर तक ड्रिलिंग हुई है। करीब दस मीटर तक और ड्रिलिंग होना शेष है।

दोबारा शुरू हुई ड्रिलिंग

ऑगर मशीन का बेस ठीक होन के बाद देर शाम फिर से ड्रिलिंग शुरू कर दी गई है। हालांकि ड्रिल मशीन अभी धीमी रफ्तार से चल रही है। बताया जा रहा है कि अभी भी कुछ अड़चनें आ रहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक रात तक सफलता मिलने की उम्मीद है।

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