कढ़ी को गरमा गरम चावल के साथ परोसें.

कढ़ी एक पॉपुलर इंडियन डिश है जो देश भर के लगभग सभी घरों में बनाई जाती है. दही या छाछ का इस्तेमाल इस डिश को पौष्टिक बना देता है. पंजाबी कढ़ी, गुजराती कढ़ी और राजस्थानी कढ़ी भारत में तैयार की जाने वाली कढ़ी की कुछ अलग स्टाइल हैं. हालांकि इन्हें थोड़े से बदलावों के साथ बनाया गया है, लेकिन इनका सार वही रहता है. नमकीन करी को चावल और रोटी के साथ सबसे अच्छा परोसा जाता है. कढ़ी बनाना आसान है लेकिन इसकी तैयारी के लिए सही स्टेप सीखने की जरूरत है. हालांकि, बहुत से लोगों को एक आम समस्या का सामना करना पड़ता है जो कि कढ़ी का फटना है, जो इसे एक दानेदार बनावट देता है. इसके कई कारण हो सकते हैं. यहां जानें हमें किन बातों पर ध्यान देना चाहिए.
कढ़ी के दानेदार बनावट के कुछ कारण
1. ठंडी दही का प्रयोग
कढ़ी के चिकने न होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि आप ठंडे दही का प्रयोग कर रहे हैं. कढ़ी बनाने के लिए कमरे के तापमान पर दही का प्रयोग करें. बस इसे 3-4 घंटे पहले फ्रिज से निकाल लें ताकि यह ठंडा न हो. अगर आप ठंडे दही का उपयोग करते हैं, तो यह गर्म होने पर फट जाएगा और दानेदार हो जाएगा.
2. पहले से नमक डालना
बेसन और दही के सूखे मिश्रण में नमक डालने से बचें. इसके अलावा, कढ़ी को पकाने के लिए रखते समय तुरंत उसमें नमक डालने से बचें. नमक डालने का सही समय 30 मिनिट बाद या एक बार कढ़ी बनने के बाद है. इससे फटने की संभावना कम हो जाती है.
3. गलत तरीके से बेसन डालना
यह कढ़ी को गाढ़ा करने वाले एजेंट के रूप में काम करता है और कढ़ी को चिकनी बनावट देता है. हालांकि, गलत तरीके से बेसन डालने से भी कढ़ी फट सकती है. इससे बचने के लिए बेसन को पानी में अच्छी तरह मिला लें और फिर इसे दही में मिला दें.
4. कढ़ी को लगातार न चलाएं
एक बार कढ़ी पकाने के लिये रख दीजिए, ध्यान रहे कि आप कढ़ी को धीरे-धीरे चलाते रहें. इसे जोर से न हिलाएं और न ही कलछी को ऊपर या नीचे की ओर ले जाएं. सबसे अच्छा तरीका है कि इसे सर्कुलर मोशन में हिलाएं.
5. दही को ज्यादा गरम करना
कढ़ी बनाते समय एक और आम गलती दही को ज्यादा गरम करना है. दही हाई टेंपरेचर पर गर्मी के संपर्क में आने पर आसानी से फट सकती है. कढ़ी को फटने से बचाने के लिए कढ़ी को धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं और तेज आंच पर बहुत देर तक उबलने न दें.



