वाहन चोरी और चैन स्नेचिंग के 3 गिरोह गिरफ्तार; बुजुर्ग महिलाओं को बनाते थे शिकार,ऐसे देते थे घटना को अंजाम

राजधानी रायपुर में चैन स्नेचिंग और वाहन चोरी की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को पुलिसने गिरफ्तार किया है। मामले में एक अंतर्राज्यीय और एक हिस्ट्रीशीटर समेत दो स्थानीय आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियान अधिकतर बुजुर्ग महिलाओं को ही अपना शिकार बनाते थे। शातिर बदमाश चेहरा छिपाकर गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमता था। पुलिस ने जब्ती सामना की कुल 10 लाख 16 हजार 900 रुपये आंकी है।
रायपुर में चैन स्नेचिंग और वाहन चोरी की घटना का ग्राप बढ़ते जा रहा था। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना सिविल लाइन पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इसके बाद घटनाओं के संबंध में प्रार्थियों से विस्तृत पूछताछ कर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी करना शुरू की। जांच के दौरान घटना के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों को खंगालते गया। अज्ञात आरोपियों के संबंध में तकनीकी विश्लेषण करने के साथ ही मुखबिर भी लगाया गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोचा
इस दौरान अज्ञात आरोपियों की जानकरी मिली। आरोपी सर्वेश दुबे जो पूर्व में भी चैन स्नेचिंग के प्रकरणों में जेल जा चुका है, इसके संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस पर पुलिस ने आरोपी सर्वेश दुबे की पतासाजी कर उसे गिरफ्तार की। मामले में पूछताछ करने पर उसने अपने साथी कैलाश यादव और कृष्ण कुमार मेश्राम के साथ मिलकर चैन स्नेचिंग समेत वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देना बताया। मौके पर पतासाजी कर उन दोनों को भी पकड़ा गया।
ऐसे देते थे घटना को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों गोबरानवापारा में रहते थे और योजना बनाकर चैन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। योजना के अनुसार घटनाओं को अंजाम देने के लिए सर्वप्रथम तीनों रायपुर के अलग -अलग स्थानों से तीन नग दोपहिया वाहन चोरी किए थे। इसके बाद सर्वेश दुबे और कैलाश यादव चोरी की दोपहिया वाहनों में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर गोबरानवापारा से रायपुर शहर आते थे और स्वयं की पहचान छिपाने के उद्देश्य से अपने चेहरे को कपड़ा से ढ़क कर चैन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देकर गोबरानवापारा फरार हो जाते थे। चैन को कृष्ण कुमार मेश्राम मुथुट गोल्ड लोन फायनेंस में गिरवी रखकर रकम प्राप्त करता था। मुथुट गोल्ड लोन फायनेंस की ओर से बिना दस्तावेजों के सोने के चैन को गिरवी रखने के संबंध में पूछताछ की जा रहीं है।
तीनों आरोपी पहले भी खा चुके हैं जेल की हवा
आरोपी सर्वेश दुबे पहले भी रायपुर के थाना पंडरी, देवेन्द्र नगर, टिकरापारा और भोपाल (म.प्र.) के थाना हबीबगंज एवं गोविंदपुरा से लूट और चोरी के लगभग 06 प्रकरणों में जेल जा चुका है। आरोपी कैलाश यादव पूर्व में थाना गोबरानवापारा से चोरी, मारपीट और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् जेल जा चुका है और आरोपी कृष्ण कुमार मेश्राम थाना गोबरानवापारा का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ थाना गोबरानवापारा में बलवा, चोरी, आगजनी, तोड़फोड़, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाना, आर्म्स एक्ट, उद्यापन एवं अन्य सहित लगभग 12 अपराध पंजीबद्ध है, जिनमें वह जेल जा चुका है।
10 लाख से अधिक के सामान जब्त
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल पांच नग सोने की चैन और दो नग सोने की अंगूठी कुल वजन लगभग 10 तोला 07 ग्राम जब्त किया गया है। इसकी कीमत 7 लाख 16 हजार 900 आंकी गई है। वहीं चोरी तीन नग दोपहिया वाहन पल्सर, एक्टिवा और एक्सेस भी जब्त किया गया है। इसकी कीमती तीन लाख रुपये आंकी गई। कुल जब्ती सामान की कीमती लगभग 10 लाख 16 हजार 900 रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी
सर्वेश दुबे 29 साल, निवासी ग्राम दुगमा दुबांग पोस्ट मुदरिया थाना मउगंज जिला रींवा एमपी
कैलाश यादव 21 साल, निवासी थाना गोबरानवापारा रायपुर
कृष्ण कुमार मेश्राम शीतलापारा थाना गोबरानवापारा रायपुर



