त्रिपुरा में BJP की राह आसान या कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन करेगा काम?

अगरतला। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग जारी है। 60 विधानसभा सीटों वाले पूर्वोत्तर के इस राज्य में सत्ता बरकरार रखना भाजपा के लिए आसान दिख रहा है। यहां मुकाबला बहुकोणीय है। सुबह मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें दिखाई दी। हर उम्र के मतदाता अपना वोट डालने के लिए निकले हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्हें भाजपा के सत्ता में लौटने का भरोसा है।
त्रिपुरा पर सीपीएम ने करीब 30 से अधिक वर्षों तक शासन किया। 2018 में बीजेपी ने लेफ्ट को सत्ता से बेदखल कर दिया। उस चुनाव में बीजेपी ने 60 में से 36 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस चुनाव से पहले यहां बीजेपी की असरदार उपस्थिति नहीं थी। पूर्ण बहुमत के साथ जीत हासिल करने के बावजूद बीजेपी ने क्षेत्रीय आईपीएफटी (इंडिजेनस प्रोग्रेसिव फ्रंट ऑफ त्रिपुरा) के साथ गठबंधन किया।
इस विधानसभा चुनाव में सीपीएम ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है। लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन का नेतृत्व चार बार के मुख्यमंत्री रहे माणिक सरकार कर रहे हैं। वाम मोर्चा राज्य की 60 में से 47 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। वहीं, कांग्रेस सिर्फ 13 सीटों पर चुनावी मैदान में है।
सीपीएम ने 2018 में 16 सीटें जीती थी। वहीं, कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था। सीपीएम को उम्मीद है कि उनका गठबंधन करीब 13 सीटों पर वोट जोड़ने में मदद करेगा।
इस विधानसभा चुनाव में टिपरा मोथा भी मैदान में है। यह पूर्व शाही प्रद्योत किशोर देबबर्मा द्वारा ग्रेटर टिपरालैंड की मांग के साथ बनाई गई नई पार्टी है। इस चुनाव में यह पार्टी भाजपा के लिए राह आसान बनाती दिख रही है। इसके अलावा भाजपा को स्थानीय पार्टी आईपीएफटी का भी समर्थन प्राप्त है। हालांकि, बीते पांच वर्षों में कुछ सीटों पर उसकी पकड़ ढीली हुई है। 2021 में जिला परिषद चुनावों में आईपीएफटी का सफाया हो गया था।
बीजेपी ने शुरू में टिपरा मोथा के साथ तालमेल बनाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। भाजपा ने बाद में इस बात की घोषणा की कि उनकी पार्टी त्रिपुरा के विभाजन का समर्थन नहीं करेगी। टिपरा मोथा ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर हमला बोला और भगवा खेमे को सीपीएम-कांग्रेस की बी टीम करार दिया।
उन्होंने कहा, “भाजपा नागालैंड में एक बी-टीम है। मेघालय, शिलॉन्ग और गारो हिल्स में वे किसी अन्य पार्टी की बी-टीम हैं। मिजोरम में किसी अन्य पार्टी की बी-टीम है। तमिलनाडु में AIADMK की बी-टीम है। पंजाब में अकाली दल की बी-टीम है। बीजेपी भारत में कई पार्टियों की बी-टीम है।”
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में बीजेपी द्वारा शानदार प्रदर्शन की भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा, “मेघालय में भाजपा अधिक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरेगी। त्रिपुरा में हम बड़े बहुमत से सत्ता बरकरार रखेंगे। नागालैंड में बीजेपी फिर से एनडीपीपी के साथ मिलकर सरकार बनाएगी।”



