जमीन केस में CBI ने लालू यादव से दिल्ली में पूछताछ शुरू

रेलवे में नौकरी के बदले जमीन केस में CBI ने लालू यादव से दिल्ली में पूछताछ शुरू कर दी है। टीम मीसा से भी पूछताछ करेगी। सीबीआई की टीम उनकी बेटी मीसा भारती के घर पहुंची है। आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इधर, रोहिणी आचार्या ने कहा कि पापा को परेशानी हुई तो दिल्ली की कुर्सी हिला देंगे।
लालू सिंगापुर से किडनी ट्रांसप्लांट के बाद दिल्ली में मीसा भारती के आवास पर ही रह रहे हैं। एक दिन पहले पटना में पूर्व CM राबड़ी देवी से उनके आवास पर CBI ने करीब साढ़े 4 घंटे तक पूछताछ की थी। इस दौरान 48 सवाल किए थे।
लैंड फॉर जॉब स्कैम में CBI की चार्जशीट पर कोर्ट ने लालू, राबड़ी और मीसा को समन जारी किया था। CBI ने चार्जशीट में लालू प्रसाद के अलावा राबड़ी देवी और 14 अन्य को आरोपी बनाया है। 15 मार्च को कोर्ट में इनको पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
कुछ अहम सवाल जो CBI ने राबड़ी देवी से पूछे
- संयोग है कि पटना के 8-9 लोगों से जमीन ली नौकरी दी?
- इन सभी लोगों को लालू परिवार कैसे जानता है, क्या यह सही नहीं है कि स्व. किशुनदेव राय ने सेल डीड के जरिए 2008 में आपके नाम से पटना में 3375 वर्ग फीट जमीन 3.75 लाख रुपए में ट्रांसफर की। इनके परिवार के 3 सदस्यों को मुंबई सेंट्रल में नौकरी दी गई।
- दिल्ली की कंपनी एके इंफोसिस्टम को हजारी राय ने फरवरी 2007 को 10 लाख 83 हजार में जमीन बेची थी। हजारी राय के दो भतीजों की जबलपुर में वेस्ट सेंट्रल रेलवे में नौकरी लगाई गई। बाद में कंपनी की संपत्ति के सभी अधिकार आपके और बेटी के नाम पर ट्रांसफर किए गए। फिर 2014 में आपने कंपनी के अधिकतर शेयर खरीदे और डायरेक्टर बन बैठीं।
- आपके परिवार ने जब-जब जमीन ली उसे कैश में ही खरीदा गया।
- क्या आपको पता है कि सेल डीड और गिफ्ट डीड के जरिए ली गई 7 जमीनों का सर्किल रेट 4.39 करोड़ से अधिक है। लालू के OSD भोला यादव कौन सा काम देखते थे?
CBI का यह है आरोप
लालू के रेलमंत्री (2004 से 2009) रहते हुए लैंड फॉर जॉब स्कैम हुआ था। सीबीआई का आरोप है कि सदस्यों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी ट्रांसफर करा कराई। बदले में रेलवे के अलग-अलग जोन मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नौकरी दी। लालू परिवार ने यह संपत्ति वैसे लोगों से ली जो पटना के निवासी थे, या जिन्होंने अपने परिजनों के उस संपत्ति को बेच इनके परिजनों के नाम पर गिफ्ट किया।
CBI के अनुसार इस तरह से लालू यादव के परिवार ने बिहार में 1 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा जमीन महज 26 लाख रुपए में हासिल कर ली, जबकि उस समय के सर्कल रेट के अनुसार जमीन की कीमत करीब 4.39 करोड़ रुपए थी। खास बात ये है कि लैंड ट्रांसफर के ज्यादातर केस में जमीन मालिक को कैश में भुगतान किया गया।
इस मामले में CBI ने मई 2022 में लालू और उनके परिवार के सदस्यों पर भ्रष्टाचार का नया केस दर्ज किया था।



