शर्मिला टैगोर ने 60 के दशक में बिकीनी पहनी तो भारत में मचा थाबवाल

हिरोइन्स का स्विमवेयर पहनना अब आम बात है लेकिन जब 1966 में शर्मिला टैगोर ने बिकीनी पहनी तो जबरदस्त कॉन्ट्रोवर्सी हुई थी। कम कपड़ों में उनकी तस्वीरें खींचने में फोटोग्राफर तक झिझक रहा था। जब उनकी तस्वीरें मैगजीन के कवर पर आईं तो शर्मिला टैगोर लंदन में थीं लेकिन भारत में बवाल मच चुका था। यहां तक कि उनके करीबी डायरेक्टर को भी लगने लगा था कि उन्हें अब सिर्फ वैम्प के रोल मिलेंगे। शर्मिला टैगोर ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस पर उनके पति और उस वक्त बॉयफ्रेंड रहे मंसूर अली पटौदी का क्या रिऐक्शन था।
परेशान हो गए थे डायरेक्टर
शर्मिला टैगोर ने बरखा दत्त को दिए एक रीसेंट इंटरव्यू में अपने बिकीनी फोटोशूट पर हुए बवाल पर एक बार फिर से बात की। यह शूट फिल्मफेयर मैगजीन के लिए था। शर्मिला बताती हैं, मैं तो इस शूट से काफी खुश थी लेकिन जब मैंने इस पर रिऐक्शन देखा तो लगा, हे भगवान। डायरेक्टर शक्ति सामंता परेशान हो गए और मुझे फोन करके बोले, प्लीज आकर मुझसे मिलो। उन्होंने बताया कि शक्ति को लग रहा था कि अब शर्मिला को लग रहा था कि शर्मिला को अब वैम्प के रोल ही मिलेंगे।
ये था टाइगर पटौदी का रिऐक्शन
शर्मिला ने बताया कि इस सारी कॉन्ट्रोवर्सी के दौरान मंसूर अली खान ट्रैवल कर रहे थे। इसलिए सर्मिला ने उनको टेलिग्राम करके बवाल की जानकारी दी। इस पर मंसूर का जवाब आया, मुझे पक्का यकीन है तुम बहुत खूबसूरत लग रही होगी। शर्मिला बताती हैं यह उनके लिए बड़ा सपोर्ट था।
बिकीनी कांड से ली सीख
शर्मिला ने बताया कि उस वक्त हिरोइन और वैम्प में सीधा सा फर्क था। हेलेन जिन्होंने बहुत से नेगेटिव रोल्स किए थे, वह जो चाहें पहन सकती थीं लेकिन हिरोइनों को यह आजादी नहीं थी। शर्मिला टैगोर ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि बिकीनी कांड से उन्हें क्या शिक्षा मिली थी। उन्होंने सीखा था कि अगर आप पब्लिक फिगर हैं तो आप पर कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। आपको समझना पड़ेगा कि आपके दर्शकों को आपसे कुछ उम्मीदें हैं। शर्मिला ने कहा था उन्हें लोगों से सम्मान चाहिए था इसलिए धीरे-धीरे खुद को बदला।



