बरकरार है परंपरा: बजट से पहले आज बंटा हलवा, जानिए क्या है इसके मायने?

बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में आज 26 जनवरी को पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया। बता दें कि परंपरागत रूप से बजट दस्तावेज को अंतिम रूप देने से पहले यह समारोह आयोजित किया जाता है। वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर यह जानकारी दी है। समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ भागवत किशनराव कराड, वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बता दें कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2023 को पेश किया जाएगा। कोरोना प्रोटोकॉल के चलते पिछले साल हलवा सेरेमनी का आयोजन नहीं किया गया था।
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट की एक अन्य ट्वीट में कहा कि 1 फरवरी 2023 को संसद में वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण पूरा होने के बाद, बजट दस्तावेज Android और Apple OS दोनों प्लेटफार्मों पर ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ पर उपलब्ध होंगे।
क्यों मनाया जाता है Halwa Ceremony?
आपको बता दें कि भारत में किसी भी शुभ काम करने से पहले मुंह मीठा कराने की परंपरा है। सालों से यह परंपरा चली आ रही है जब बजट से पहले हलवा समारोह मनाया जाता है। इस दिन वित्त मंत्री पारंपरिक (कंडा) में हलवा बनाकर अपने सहयोगियों को परोसती हैं। इसके बाद से बजट दस्तावेजों की छपाई शुरू हो जाती है और बजट बनाने की प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारी सप्ताहभर से नजर बंद रहते हैं। यह सेरेमनी दिल्ली में सचिवालय भवन के नॉर्थ ब्लॉक बेसमेंट में वित्त मंत्रालय के मुख्यालय में मंच तैयार किया जाता है।
अप्रैल-मई 2024 में होने वाले अगले संसदीय चुनाव से पहले इस साल का केंद्रीय बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय नीति आयोग और संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से बजट तैयार किया जाता है।



