छेरछेरा पुन्नी की पूर्व संध्या पर ठिठुरते ठंड में सब्जी बेचने वालों को गरम कंबल ओढ़ाकर किया पुण्य कार्य



रायपुर।
छत्तीसगढ़ में दान पुण्य का महापर्व है, पूस माह की पूर्णिमा, जिसे हम पौस पूर्णिमा या छेरछेरा पुन्नी के नाम से जानते हैं । 6 जनवरी को यह महापर्व है । आम छत्तीसगढ़िया पूर्णिमा के पूर्व संध्या से ही स्नान कर दान पुण्य का कार्य करते हैं, यथाशक्ति गरीबों की मदद की जाती है । जीतू शर्मा, भावेश शर्मा एवं सुनीता शर्मा ने आज शाम से शहर के मंदिरों में घूमकर बाहर बैठे भिक्षुओं को कंबल बांटा, अमीन पारा हनुमान मंदिर, साईं मंदिर, शीतला मंदिर से कंबल बांटते हुए डगनिया बाजार पहुंचे । यहां बाजार में ठंड में सिकुड़ते सब्जी बेचते जरूरतमंद श्रमवीरों को कंबल ओढ़ाकर उनके श्रम का सम्मान किया । हिंदू संस्कार अनुसार अपनी आय का एक हिस्सा दान धर्म में खर्च करके जो आत्म संतुष्टि होती है वो शब्दों में अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता ।
नए साल के आगमन से मौसम में तेजी से बदलाव हुआ है, शीतलहर चल रही है अतः हर सक्षम व्यक्ति या संस्था को जरूरतमंदों को गर्म कपड़े, शाल, कंबल प्रदान करने पहल करनी चाहिए, आप भी जुड़ना चाहते हैं तो हमारे साथ सोशल एक्टिविटी ग्रुप में जुड़ सकते हैं ।



