तवांग झड़प पर संसद में बोले रक्षा मंत्री- हमारे किसी सैनिक को नहीं आई गंभीर चोट

नई दिल्ली.  गलवान घाटी मे ंहुए खूनी संघर्ष का तनाव खत्म नहीं हुआ था कि चीन ने एक बार फिर वैसी ही हरकत दोहरा दी है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी सैनिकों ने धोखेबाजी की मिसाल पेश करते हुए अचानक भारतीय पोस्ट पर हमला कर दिया। हालांकि पहले से ही सतर्क भारतीय जवानों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया और वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। अब इस घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चीन देश में घुसपैठ कर रहा है और प्रधानमंत्री चुप हैं। इस विषय पर रक्षा मंत्री ने लोकसभा में अपना बयान दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, चीनी सैनिकों ने एलएसी पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की। तवांग में चीनी सैनिकों के साथ हमारे सैनिकों की हाथापाई भी हुई है। भातीय सेना ने बहादुरी से उन्हें अतिक्रमण करने से रोका औऱ उन्हें पोस्ट पर जाने के लिए मजबूर कर दिया। दोनों तरफ कुछ सैनिकों को चोट भी आई। हमारा कोई सैनिक ना तो शहीद हुआ है और ना ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। इस घटना के पश्चात एरिया के लोकल कमांडर ने 11 दिसंबर को चीनी समकक्ष के साथ एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की। चीनी पक्ष को इस तरह की हरकत ना करने की चेतावनी दी गई। राजनाथ सिंह ने कहा, हमें उम्मीद है कि यह सदन हमारी सेना की प्रतिबद्धता और क्षमता का सम्मान करेगा। हमारी सेना हर तरह से मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।

राज्यसभा में भी रक्षा मंत्री ने बयान दोहराते हुए कहा, इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है। मैं सदन को आश्वस्त करता हूं कि हमारी सेनाएं भौमिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि सदन हमारे सैनिकों के साहस और वीरता का अभिनंदन करेगा।

अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष ने हंगामा इसलिए किया क्योंकि सदन में राजीव गांधी फाउंडेशन को लेकर सवाल पूछा जाना था और वह बताने वाले थे कि फाउंडेशन ने चीनी दूतावास से हजारों करोड़ रुपये का अनुदान लिया था और भारत-चीन संबंध पर शोध करवाया था। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में चीन ने हजारों एकड़ जमीन हड़प ली।

बता दें कि 9 दिसंबर को तवांग सेक्टर में चीनी सैनिकों ने भारतीय पोस्ट पर हमला किया था। इसके बाद जमकर झड़प हुई और दोनों ही पक्षों के जवान घायल हुए। अरुणाचल ईस्ट से भाजपा सांसद ने कहा कि झड़प के बाद दोनों ही तरफ से सैनिक हट गए और शांति बहाल हो गई। बता दें कि चीन लंबे समय से चालबाजी और धोखेबाजी की ही कोशिश में रहता है। चीन अपनी विस्तारवादी नीति की वजह से आए दिन अपनी नपाक मंसा जाहिर करता रहता है। इससे पहले 2020 में गलवान घाटी में भी चीन ने ऐसा ही किया था। यहां आमने सामने की लड़ाई में भारत ने चीन के 40 सैनिकों को मार गिराया था। भारत के भी 20 सैनिक शहीद हुए थे।

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