सीमित होगा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षों का कार्यकाल, शशि थरूर ने जारी किया घोषणापत्र

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे शशि थरूर ने गुरुवार को अपना घोषणापत्र जारी किया। इसमें उन्होंने प्रदेश अध्यक्षों के कार्यकाल को सीमित करने की बात कही है। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने उन अफवाहों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि उनके पास कांग्रेस नेताओं का कम समर्थन प्राप्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें हर राज्यों से समर्थन मिल रहा है।
थरूर ने चेन्नई में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “मेरा मकसद पार्टी को पुनर्जीवित करना, इसे फिर से सक्रिय करना, कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना, सत्ता का विकेंद्रीकरण करना और लोगों के संपर्क में रहना है। मेरा मानना है कि यह कांग्रेस को 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को टक्कर देने के लिए राजनीतिक रूप से फिट बनाएगा।”
उन्होंने इस बात को दोहराया कि उनके और पार्टी के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच दोस्ताना मुकाबला है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी पार्टी के काम करने के तरीके में सुधार करने की जरूरत है। हमें युवाओं को पार्टी में लाने और उन्हें वास्तविक अधिकार देने की जरूरत है। साथ ही हमें मेहनती और लंबे समय तक सेवा करने वाले कार्यकर्ताओं को अधिक सम्मान देना चाहिए।”
उन्होंने संसदीय बोर्ड जैसे कुछ संस्थानों को पुनर्जीवित करने, सत्ता का विकेंद्रीकरण करने और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का वादा किया है। साथ ही उन्होंने यह भी वादा किया है कि अगर वह अध्यक्ष बनते हैं तो प्रदेश अध्यक्षों को निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी जाएगी।
- थरूर ने कहा, “पार्टी पांच साल में एक बार चुनाव लड़ने की मशीन नहीं है। पार्टी को लोगों की सेवा करनी चाहिए। हमें लोगों से जुड़ना चाहिए और उनके साथ काम करना चाहिए।”



