झारखंड में हार्स ट्रेडिंग का खतरा, झामुमो- कांग्रेस के विधायक छत्तीसगढ़ पहुंचे, नवा रायपुर के मेफेयर होटल में रहेंगे

झारखंड में जारी सियासी बवंडर के बीच हार्स ट्रेडिंग रोकने यूपीए के विधायकों को छत्तीसगढ़ लाया गया है। सभी विधायक रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से कड़ी सुरक्षा के बीच नवा रायपुर के मेफेयर रिसॉर्ट ले जाया गया। महाराष्ट्र की तरह झारखंड में सियासी उलटफेर रोकने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में यूपीए गठबंधन के विधायकों को छत्तीसगढ़ शिफ्ट किया गया है। विधायकों को 3 बसों में एयरपोर्ट से मेफेयर रिसोर्ट लाया गया। कांग्रेस और झामुमो के कुल 32 विधायकों को रायपुर आए हैं। सीएम हेमंत सोरेन, विधायकों के साथ रायपुर नहीं आए हैं।
बता दें कि पत्थर खनन आवंटन मामले में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट केस का सामना कर रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को महागठबंधन के विधायकों में सेंधमारी का डर सता रहा है। ऐसे में महागठबंधन के सभी विधायकों को कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ लाया गया है। सरकार ने इंडिगो का प्लेन कराया बुक कराया था। सभी विधायक छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उतरे। मेफेयर रिजॉर्ट को 30 और 31 तारीख के लिए बुक किया गया है। यूपीए के विधायकों की सुरक्षा के लिए होटल को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है। एक डीएसपी और 2 इंस्पेक्टर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सीएम हेमंत की सदस्यता रद्द होने की आशंका
झारखंड में सियासी संकट के बीच 27 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा और यूपीए के कुल 41 विधायकों को लेकर खूंटी में लतरातू डैम पर बने रिसॉर्ट में पहुंचे थे। सीएम सीएम सहित सभी विधायकों के छत्तीसगढ़ आने की चर्चा हो रही है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द होने की आशंका है। चुनाव आयोग से राज्यपाल को पत्र भेजे जाने की बातें पिछले 4 दिनों से सियासी गलियारों में चल रही है। वहीं पलामू में महादलितों पर हुए अत्याचार और दुमका में अंकिता सिंह की मौत मामले में भाजपा झारखंड सरकार पर हमलावर है।



