राहुल गांधी की न तो अध्यक्ष के लिए गहलोत पर कोई आपत्ति नहीं… वरिष्ठ कांग्रेसी नेता का बड़ा बयान

कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। आगामी 20 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना है। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अभी भी अपनी ना पर अड़े हैं। हालांकि नॉन कांग्रेसियों में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ नाना पटोले ने बड़ा बयान दिया। उन्होने कहा कि अगर राहुल गांधी अनिच्छुक हैं तो अशोक गहलोत पार्टी प्रमुख बन सकते हैं। हमे उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं है।
गुरुवार को महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, “यह पार्टी का आंतरिक मामला है। राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष नहीं बनना चाहते हैं, यह मीडिया के माध्यम से सामने आ रहा है। अगर अशोक गहलोत पार्टी प्रमुख बनते हैं, तो कोई समस्या नहीं है। कांग्रेस में लोकतंत्र है।”
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि पूरे देश में भाजपा की राजनीति एक परिवार के आधार पर चलती है। उन्होंने कहा, “जो भाई-भतीजावाद के आधार पर हमारा मजाक उड़ाते हैं, उनका नागपुर में एक परिवार है। पूरे देश में भाजपा की राजनीति उस परिवार के आधार पर चलती है। कांग्रेस सर्वसम्मति से पार्टी के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने वाले के साथ खड़ी होगी।” उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद के लिए 20 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले आई है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेता राहुल गांधी के चुनाव लड़ने की अनिच्छा से अध्यक्ष पद का चुनाव अब कांग्रेस के लिए एक चुनौती बन गया है। कांग्रेस पार्टी ने 20 अगस्त तक आंतरिक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली है। पार्टी ने घोषणा की थी कि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच होगा लेकिन कई प्रयासों के बावजूद राहुल गांधी ने अब तक अपना रुख साफ नहीं किया है।
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने पूरी तैयारी कर ली है। प्राधिकरण का अध्यक्ष कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का इंतजार कर रहा है जो अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगी और फिर प्राधिकरण उसे सूचित करेगा।
रेस में कौन-कौन शामिल
सूत्रों ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रक्रिया अटकी हुई है क्योंकि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं, हालांकि उन्हें मनाने के सभी प्रयास अभी भी जारी हैं। गतिरोध जारी रहा तो अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, कुमारी शैलजा और मुकुल वासनिक जैसे नेताओं में से किसी एक के नाम पर सहमति बनने की कोशिश हो सकती है।



