मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल में अग्निदुर्घटना को लेकर कमिश्नर की अध्यक्षता में जांच के आदेश एक महीने में सौंपेगी रिपोर्ट

जबलपुर । राज्य शासन ने न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल में सोमवार को हुई अग्निदुर्घटना की सघन जांच के आदेश दे दिए हैं। राज्य शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक अग्निदुर्घटना की जांच संभागायुक्त जबलपुर बी. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यों की समिति करेगी। इस कमेटी में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य जबलपुर डा. संजय मिश्रा, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जबलपुर आरके सिंह एवं अधीक्षण यंत्री विद्युत सुरक्षा जबलपुर अरविंद बोहरे को सदस्य बनाया गया है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आदेश में जांच के बिंदु भी तय कर दिए हैं। इन बिंदुओं में अग्नि दुर्घटना के कारण, अस्पताल में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी से संबंधित अनुमतियां एवं व्यवस्थाएं, नगर पालिका अधिनियम के प्रावधान अनुसार भवन अनुज्ञा सबंधी अनुमतियां एवं उनका क्रियान्वयन और अस्पताल के रजिस्ट्रेशन की वैधानिक स्थिति शामिल हैं। इसके अलावा समिति जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो जांच समिति उन्हें भी जांच के बिंदुओं में शामिल कर सकेगी। इस कमेटी को अपनी जांच रिपोर्ट एक माह के भीतर शासन को सौंपना होगी। गौरतलब है कि अस्पताल केा लेकर अनेक प्रकार की चौंकाने वाली जानकारियां देखने-सुनने को मिल रही हैं, इसलिए भी शासन की ओर से जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों को संज्ञान में लेकर नए बिन्दु तय करने की स्वतंत्रता जांच कमेटी को दी गई है।

मृतकों के परिजनों को मिले 10-10 लाख- बसपा

इस भीषण अग्नि हादसे को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने सघन जांच कराए जाने की मांग की है। उसकी ओर से कहा गया है कि शासन-प्रशासन प्रत्येक मृतक के स्वजनों को दा-दस लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करे।

पहले के हादसों से नहीं लिया सबक- विनय सक्सेना

अग्नि हादसे की खबर लगते ही विधायक विनय सक्सेना जबलपुर की ओर रवाना हो गए। बताया जाता है कि वो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अपने परिवार सहित भोपाल जा रहे थे। घटना का पता चला उन्होंने तत्काल अपनी यात्रा स्थगित कर वापस जबलपुर का रूख कर लिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी भोपाल, इंदौर और शहडोल में इसी तरह के दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, जिनसे मध्यप्रदेश सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। जिसका नतीजा है कि जबलपुर में भी ऐसी घटना हो गई।

Related Articles

Back to top button