जमीन को लेकर 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए, उस पर अब भी विवाद

जिस छह बीघा जमीन के पीछे बहुचर्चित बिकरू कांड हो गया, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। उसी जमीन का विवाद आज भी बरकरार है। भाभी और ननद के बीच इस झगड़े में कानपुर देहात में सिविल जज जूनियर डिवीजन और एसडीएम बिल्हौर के यहां मुकदमे चल रहे हैं। तारीख पर तारीख बीत रहीं पर कोई जा नहीं रहा। एसडीएम बिल्हौर ने नोटिस जारी किया है। जिसके बाद सुनवाई तेज हो गई है।

चौबेपुर के मोहिनी निवादा निवासी स्व. लल्लन शुक्ला की गांव में छह बीघा जमीन है। उन्होंने भांजे सुनील को गोद लिया था। बेटे की तरह पाल पोसकर बड़ा किया। छह बीघा जमीन लल्लन ने दान पत्र के जरिए 27 अप्रैल 2019 को सुनील को दे दी थी। लल्लन की तीन बेटियां है। बड़ी सुनीता और प्रतिमा की शादी हो चुकी है। सरिता उर्फ निधि अविवाहित है और अपनी बहन प्रतिमा के साथ उसकी ससुराल में रहती है। 

ऐसे पड़ी थी बिकरू कांड की नींव 
सुनील की शादी बिकरू निवासी कुख्यात विकास दुबे के गुर्गे बाल गोविंद की बेटी समीक्षा से हुई थी। बाल गोविंद बिकरू कांड के बाद से जेल में बंद है। लल्लन की बेटी प्रतिमा की शादी जादेपुर निवासी राहुल तिवारी से हुई। बाल गोविंद ने विकास का भय दिखाकर बेटी समीक्षा और दामाद सुनील के नाम लल्लन से 20 मई 2019 को सभी चल-अचल सम्पत्तियों की वसीयत करा दी थी। इधर, जब राहुल को जानकारी मिली तो उसने पैरवी शुरू की। राहुल के पैरवी करने पर बाल गोविंद ने उसे अगवा करा लिया था। जिसकी शिकायत उसने चौबेपुर थाने में की थी।

एक जुलाई 2020 को तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी राहुल को लेकर बिकरू गांव पहुंचा। बाल गोविंद के घर में सुनील, विकास दुबे, अमर दुबे समेत अन्य लोग मौजूद थे। एसओ के सामने ही विकास ने राहुल को पीट दिया। इसके बाद यह मामला तत्कालीन सीओ देवेंद्र मिश्रा के पास पहुंचा था। तत्कालीन सीओ ने दो जुलाई को राहुल की तहरीर पर चौबेपुर थाने में विकास दुबे, बाल गोविंद, सुनील आदि के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी। इसी दिन देर रात तत्कालीन सीओ कई थानों की फोर्स के साथ बिकरू गांव पहुंचे। जहां पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने मौत के घाट उतार दिया। 

दान पत्र और वसियत निरस्त कराने को दिया था पत्र 
राहुल के मुताबिक सन 2019 में उन्होंने बिल्हौर तहसीलदार के यहां वसीयत और दान पत्र को निरस्त कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था मगर उसपर कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इसके बाद राहुल की छोटी साली  निधि ने 2019 में ही कानपुर देहात की सिविल जज जूनियर डिविजन की कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया था।

बिकरू कांड के बाद क्या हुआ
बिकरू कांड के बाद राहुल और सरीता ने उसी छह बीघा जमीन पर फसल बुआई करा दी। इधर सुनील की पत्नी और बाल गोविंद की बेटी समीक्षा ने मौके पर जाकर जमीन पर बने मकान का ताला तोड़ दिया। जिसमें दोनों पक्षों में विवाद हुआ और प्रशासन ने दोनों को जमीन पर हस्ताक्षेप करने से मना कर दिया। एसडीएम बिल्हौर की कोर्ट में पुलिस रिपोर्ट के आधार पर धारा 145 (सीजर) की कार्रवाई को लेकर 12 नवम्बर 2021 को सुनवाई शुरू कर दी। 15 नवम्बर 2021 तक दोनों पक्षों को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए गए।

11 तारीखों पर कोई नहीं आया 
15 नवम्बर 2021 को जो तारीख पड़ी उसमें सिर्फ समीक्षा पहुंची। उसके बाद से अब तक एसडीएम कोर्ट में 11 तारीखें पड़ चुकी हैं मगर दोनों पक्षों की तरफ से कोई नहीं आया। अब इस मामले में सुनवाई के लिए एसडीएम कोर्ट में 18 जुलाई 2022 की तारीख पड़ी है। 

सिविल कोर्ट में क्या हुआ 
सिविल जज जूनियर डिविजन कानपुर देहात में दाखिल मुकदमें में 24 मार्च 2022 से दोनों पक्षों में से कोई नहीं गया। सुनील को इस मामले में 6 सितम्बर 2019 को समन गया था मगर उसके यहां लेने से इनकार कर दिया गया था।

Related Articles

Back to top button