रायपुर में मूक-बधिर जोड़े की हो रही अनोखी शादी, विश्व योग दिवस के दिन वीरभद्रासन में होगी वरमाला

रायपुर. राजधानी स्थित कोपलवाणी में मूकबधिर छात्रा मीनाक्षी की लक्की श्रीवास्तव से हो रही शादी समाज के लिए अनुकरण बन चुकी है। अनुकरण इसलिए, क्योंकि समाज के लोगों के सहयोग और आशीर्वाद से शादी सम्पन हो रही है। सोमवार को हल्दी रस्म में बड़ी संख्या में नव दंपती को आशीर्वाद मिला। साथ ही मंगलवार को विश्व योग दिवस के दिन शादी में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक लगभग पांच वर्ष पूर्व नारी निकेतन से कोपलवाणी आई मूकबधिर बालिका मीनाक्षी की अब शादी हो रही है। यह शादी इसलिए भी विशेष है, क्योंकि दूल्हा-दुल्हन दोनों मूकबधिर है। इस विवाह की विशेषता यह है कि यह शून्य कचरा रहित प्रबंधन के तहत हो रही है। इसमें डिस्पोजेबल जैसी किसी वस्तु का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। विशेष इसलिए भी है कि इस बालिका की शादी अनेक सामाजिक संस्थाएं मिलकर कर रही हैं।
किसी ने भोजन की जिम्मेदारी ली तो किसी ने बारातियों के स्वागत की कोपलवाणी की संस्थापक पद्मा शर्मा ने बताया कि यह एक अद्भुत संयोग है, जिसमें एक बालिका जिसके माता-पिता भाई-बहन, बड़ी मां, मौसी के रूप में समाजसेवी उपस्थित हैं। शुरुआती दौर में ऐसा सोचा गया था कि मात्र 11 कपड़ों में हम मीनाक्षी को विदा कर पाएंगे, लेकिन रायपुर शहर में समाजसेवियों की सेवा भावना की वजह से मीनाक्षी को हर वह उपहार दिया जा रहा है, जो माता-पिता अपनी बेटी को देते हैं। इस विवाह में एक रोचक बात और है कि किसी संस्था ने भोजन की जिम्मेदारी ली है तो किसी संस्था ने बारातियों का स्वागत सत्कार की। किसी ने मंडप की व्यवस्था संभाली। इस तरह से सभी स्वयंसेवी संस्थाओं ने एक परिवार की तरह इस विवाह को संपन्न करने में अपनी भूमिका निभाई।
मीनाक्षी का कोई भी पारिवारिक सदस्य नहीं है, लेकिन समाज के प्रबुद्धजन अब उनके परिवार बन चुके हैं। इस शादी में भाग लेने वाला हर व्यक्ति आंतरिक आनंद की अनुभूति कर रहा है। यह विवाह विश्व योग दिवस के दिन होने के कारण वरमाला वीरभद्रासन में होगी। कोपलवानी संस्था द्वारा किए जा रहे इस कार्य में विभिन्न संस्थाओं ने अपना सहयोग दिया है, जिसमें सक्षम, लावण्या फाउंडेशन, श्री वल्लभ प्रेम सेवा समाज ट्रस्ट, गुजराती महिला मंडल बिलासपुर, हरसंभव फाउंडेशन, नवसृजन मंच, भारतीय योग संस्थान, आस एक प्रयास सेवा टोली, प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज, जिंदगी न मिलेगी दोबारा, मधुधारा संगठन, अनुप्रभा फाउंडेशन, आल इंडिया लेडीज क्लब, सर्वमंगल फाउंडेशन, अर्पण महिला मंडल, छत्तीसगढ़ महिला मंच, उमंग, इनरह्वील क्लब, राजकुमार कुकरेजा मेमोरियल सोसायटी प्रमुख हैं।



