जनता कांग्रेस ने ली प्रेस वार्ता नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण को लेकर लगाया सरकार पर बड़ा आरोप

नगरनार इस्पात संयंत्र निजीकरण पर अमित जोगी का बड़ा खुलासा –नवनीत चांद
जनता कांग्रेस नेता ने कहा -बस्तर के क्षेत्रीय विधायको सांसदों व मंत्रियों द्वारा अपनी पार्टी की सरकारों की अंधी भक्ति के चलते राज्य सरकार ने ,बस्तर के हितों से समझौता कर नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण की राह प्रशस्त कर बस्तर वाशियो के भरोसे से किया विश्वासघात
जगदलपुर ।30 मई, 2022: जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी के निर्देशन पर जनता कांग्रेस जे के बस्तर जिला अध्यक्ष व बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य सयोजक नवनीत चांद ने आज एक प्रेस वार्ता में नगरनार इस्पात संयंत्र निजीकरण मामले में बड़ा खुलासा करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को रखवाल की जगह दलाल बताया। वही इसी तथ्यों की जानकारी रायपुर में जनता कांग्रेस जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने तथ्यों के साथ जानकारी देते हुए खुलासा किया।
वार्ता में जानकारी देते हुए कहा नगरनार स्टील प्लांट में 1152. 6 हेक्टेयर जमीन पर बना है और यह जमीन महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र जगदलपुर के नाम थी सीएसआईडीसी ने गुपचुप तरीके से यह जमीन एनएमडीसी को बेच दी । 6 दिसंबर 2021 को सीएसआईडीसी ने 32.04 हेक्टेयर का डिमांड नोट एनएमडीसी को दिया । 27दिसंबर 2021 को एनएमडीसी ने 28करोड़ 41 लाख10 हजार 463 रूपये का भुगतान सीएसआईडीसी को कर दिया । जे कांग्रेस ने उठाते हुए कहा है कि
आखिर छत्तीसगढ़ विधानसभा और छत्तीसगढ़ के लोगों को जानकारी दिए बिना छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी सरकारी जमीन एनएमडीसी को क्यों बेच दी ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अब एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट को एक नई कंपनी में हस्तांतरित कर रहा कर सकता है और इसके बाद इस स्टील प्लांट का विनिवेशीकरण किया जा सकता है जे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने बताया है कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार निरंतर नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के लिए प्रयासरत है लेकिन केंद्र सरकार के सामने एक सबसे बड़ा रोड़ा था नगरनार इस्पात संयंत्र की जमीन जो राज्य सरकार के नाम में है यानी तकनीकी रूप से केंद्र सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण करना भी चाहे तो नहीं कर सकती क्योंकि जिस जमीन पर नगरनार इस्पात संयंत्र लगा है वह राज्य सरकार की जमीन है नगरनार इस्पात संयंत्र की जमीन राज्य सरकार के नाम पर होने की हितेषी व्यवस्था पूर्व मंत्री माननीय अजीत जोगी जी ने जानबूझकर की थी ताकि नगर नगर इस्पात संयंत्र का भविष्य में निजीकरण होने का प्रयास विफल हो जाए विफल हो सके यह माननीय योगी की दूरदृष्टि व्यवस्था ही थी जिससे नगरनार इस्पात संयंत्र अभी तक निजी हाथों में जाने से बचा हुआ है लेकिन जिस सरकार को बस्तर वासियों ने नगरनार इस्पात संयंत्र की जमीन की रखवाली करने के लिए चुना था वहीं जमीन की दलाली कर बैठी श्री नवनीत चांद ने कहा है कि नगरनार इस्पात संयंत्र की जमीन को भूपेश सरकार ने चोरी-छिपे एनएमडीसी को बेचकर ना सिर्फ केंद्र सरकार के लिए नगरना स्पात संयंत्र के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है बल्कि बस्तर की माटी और बस्तर वासियों के विश्वास का सौदा कर दिया है जनता कांग्रेस जी द्वारा सरकार को चुनौती देते हुए कहा गया है कि अगर मुख्यमंत्री में थोड़ी सच्चाई है वह मुझे भेंट मुलाकात करने समय दें नगरनार के लोगों के समक्ष हमारे द्वारा प्रस्तुत एक एक तथ्य को नकार कर बताएं अगर मेरी तथ्य गलत है तो हमारे विरुद्ध कार्यवाही किया जाए उन्होंने कहा कि हम नगरनार जाएंगे और बस्तर वासियों को उनके साथ हुए धोखे से अवगत कराएंगे केंद्र सरकार और राज्य सरकार यह बात अच्छे से समझ ले कि वह लाख कोशिश करें हमें गोलियों से भून दें लेकिन नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण हम नहीं होने देंगे। इस अवसर पर अमित पांडे जी ,भरत कश्यप ,कनकेश्वर भारद्वाज, बाबा जमील,नीलांबर सेठिया ,अजय बघेल ,शैलेंद्र वर्मा पीतम नाग, धन सआय बघेल कृष्ण कुमार हीरालाल धर्मेंद्र निषाद गुरमीत कौर गीता भारती गीता नाग आदि उपस्थित थे।



