सुकमा कलेक्टर एवं जिला मिशन समन्वयक को हटाने आदिवासियों की महारैली, घेरा कलेक्ट्रेट

जगदलपुर। सुकमा कलेक्टर एवं श्याम सुंदर सिंह चौहान (बबलू) समग्र शिक्षा अभियान के जिला मिशन समन्वयक (DMC) को हटाने की मांग लेकर सर्व आदिवासी समाज के हजारों आदिवासियों ने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया ।विदित हो कि
सुकमा जिला कलेक्ट्रेट का सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में हजारों आदिवासी ग्रामीणों ने दिनांक 22 मार्च 2022 दिन मंगलवार को घेराव किया गया स्थानीय भर्ती के साथ
अन्य मांगो एवं सुकमा कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार एवं समग्र शिक्षा अभियान के जिला मिशन समन्वयक (DMC) श्याम सुंदर सिंह चौहान (बबलू) को हटाने के मांग को लेकर हजारों की संख्या में आये आदिवासियों का गुस्सा साफ दिखा।
सर्व आदिवासी समाज के प्रमुखों का आरोप है कि बीते दिनों स्थानीय आदिवासियों की नौकरी में भर्ती के विषय को लेकर उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात करने की कोशिश की पर कलेक्टर ने समाज प्रमुखों से मिलने से इंकार कर दिया ।
श्याम सुंदर सिंह चौहान (बबलू) समग्र शिक्षा अभियान के जिला मिशन समन्वयक (DMC) जो सालों से जिला कलेक्ट्रेट में जमे हुए हैं जो भी उनका मूलपद है उस पद में भेजा जाए का मांग किया गया सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों अनुसार श्याम सुंदर सिंह चौहान (बबलू) DMC सुकमा जिला के स्वघोषित कलेक्टर बने बैठे हैं और जो भी ग्रामीण कलेक्ट्रेट जाता है उनसे वो अपनी कलेक्ट्री दिखाते हैं जो कि सरासर गलत है इसलिए श्याम सुंदर सिंह चौहान (बबलू) DMC को तत्काल कलेक्ट्रेट से हटाया जाए एवं मूल पद में भेजा जाए साथ ही साथ श्याम सुंदर सिंह चौहान (बबलू) जब से DMC बने है तब से आज तक कि सम्पति का भी ईमानदारी से जांच किया जाए। ये भी एक विडम्बना है कि समग्र शिक्षा अभियान के जिला मिशन समन्वयक (DMC) श्याम सुंदर सिंह चौहान हैं और वहीं उनके पत्नी के भाई महेन्द्र बहादुर सिंह कोन्टा विकासखण्ड के BRC हैं ये भी एक जांच का विषय है। आदिवासी नेताओ ने कहा कि
उक्त सभी विषय को लेकर सर्व आदिवासी समाज कई दिनों से नाराज था और कहीं कोई सुनवाई भी नही हो रहा था इस कारण मजबूरीवश धरना प्रदर्शन किया गया। सुकमा जिला के इतिहास में पहली बार सर्व आदिवासी समाज द्वारा शासन व प्रशासन के खिलाफ इतना उग्र प्रदर्शन किया गया।

Related Articles

Back to top button