आ गई नई गाइडलाइन कोरोना वैक्सीन के बूस्टर डोज पर, सरकार ने जानें क्या कहा…

दिल्लीः कोरोना (Covid-19) के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए आज केंद्र सरकार ने वैक्सीन की बूस्टर डोज (Corona Vaccine Booster Dose) को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन में कहा गया है कि बिना किसी सर्टिफिकेट के ही 60 से अधिक उम्र वालों को बूस्टर डोज लगेगी. 60 से अधिक उम्र के गंभीर बीमारी वाले लोगों को भी बूस्टर डोज लगेगी. इन लोगों को बूस्टर डोज लेने के लिए टीकाकरण केंद्र पर कोई भी प्रमाणपत्र दिखाने की जरूरत नहीं होगी.

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी गाइडलाइन जारी की गई है. इसमें कहा गया है कि चुनाव ड्यूटी में लगे सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर दी जाएगी.

बुजुर्गों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए ये है गाइडलाइन

बता दें कि 10 जनवरी से बुजुर्गों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज दी जाएगी. बूस्टर डोज के लिए 60 साल से ऊपर के लोगों को और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर बीमारी के लोगों को किसी तरह का कोई मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं होगी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइन में कहा है कि ऐसे लोगों को बूस्टर डोज लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए.
15-18 साल की उम्र के लोगों के लिए भी गाइडलाइन

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15-18 साल की उम्र के लोगों के लिए भी गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि वैक्सीन सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर भी ली जा सकती है. इसके लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं. वैक्सीन के स्लॉट उपलब्ध होंगे तो किसी भी अप्वाइंटमेंट की जरूरत नहीं होगी. चुनावी राज्यों में ड्यूटी पर तैनाती वाले कर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में गिना जाएगा और उन्हें भी बूस्टर डोज लगेगी.

कौन सी बीमारी में बुजुर्ग बूस्टर डोज लगवा सकते हैं?

Precautionary का मतलब होता है एहतियात के तौर पर लगाई जाने वाली वैक्सीन. यानी ये डोज़ एहतियात के तौर पर लगाई जाएगी. और केवल उन्हीं लोगों को लगाई जाएगी, जिनकी उम्र 60 साल से ज़्यादा होगी और जिन्हें कोई गम्भीर बीमारी होगी. इसे ऐसे समझिए कि आपके घर में जो बड़े बुजुर्ग हैं, उन्हें कोई गम्भीर बीमारी नहीं है तो उन्हें ये Precautionary Dose लगवाने की ज़रूरत नहीं है. हालांकि आप सोच रहे होंगे कि कौन सी बीमारियों में ही बुज़ुर्ग ये डोज़ लगवा सकते हैं तो 22 गम्भीर बीमारियों में ही ऐसा हो सकता है. इसकी पूरी लिस्ट आप अपनी टीवी स्क्रीन पर देख सकते हैं. इनमें Diabetes है, कैंसर है, किडनी की बीमारी है. और सांस से जुड़ी बीमारियां हैं. अगर ये Booster डोज़ होती तो इसमें बीमारी की शर्त नहीं होती. तब 60 साल से ऊपर के सभी बुज़ुर्गों को ये डोज़ लगाई जाती. इससे आप दोनों के बीच को अंतर समझ सकते हैं.

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