समस्याओं को नए ढंग से देखने के लिए एक पीढ़ी को प्रेरित करते वरिष्ठ पत्रकार नवीन श्रीवास्तव ..


अपने लेखनी और नियमित स्तंभ ….चाँदनी चौक :बेबाक अनकही कहानी के माध्यम से पत्रकारिता की जड़ें गहरे कर रहे
रायपुर / संक्षिप्त वार्ता
छात्र जीवन से ही विसंगतियों और अव्यवस्थाओं के खिलाफ अपनी लेखनी से आवाज मुखर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार नवीन श्रीवास्तव का नाम अनजान नही है प्रदेश में पत्रकारिता और लेखनियता की बात हो तो धारदार और सशक्त कलम के रूप में उनकी अपनी पहचान है दैनिक रौद्रमुखी स्वर, स्वदेश अमृत संदेश ,कलयुग का भारत,हाईवे चैनल,
दैनिक छत्तीसगढ़ वॉच ,भारत भास्कर, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ ,यंग छत्तीसगढ़ ,साप्ताहिक छत्तीसगढ़ वॉच, मितान भूमि ,पब्लिक वॉच, मेरा पक्ष जैसे अनेक पाक्षिक ,सप्ताहिक ,मासिक समाचार पत्र एवं पत्रिकाएं हैं जिससे वे जुड़े रहे हैं वर्तमान में वे के डब्ल्यू एन एस न्यूज़ एजेंसी सप्ताहिक खबर वर्ल्ड एवं भारत सत्ता से जुड़े हैं । श्री श्रीवास्तव अपनी लेखनी से निरंतर समस्याओं को नए ढंग से देखने के लिए एक पीढ़ी को प्रेरित करते रहे हैं उन्होंने अनेक युवा पत्रकारों को दिशाएं भी दिया है अपने स्तंभ और लेखनी को लेकर सोशल मीडिया मंच पर सक्रिय श्रीवास्तव का कहना है कि गुणवत्ता का प्रचार प्रसार ही मंच को सार्थक बनाता है इस बात को ध्यान रखना जरूरी है पत्रकारिता पत्रकारिता पर उनका कहना है की समाज में समस्याओं के जड़ जमाने से पहले ही विसंगतियों को बाल से पकड़कर उल्टी लटकाना जरूरी है ताकि ऐसे करने वालों की नकली मूछें गिर जाए पर पत्रकारिता को साधने के साथ विषय को नए ढंग से देखने के लिए ईमानदारी, वर्षों की तपस्या और संघर्ष जरूरी है एक पीढ़ी ग्लैमर से चकाचौंध होकर आते हैं और आ रहे हैं यह भविष्य के लिए भी पत्रकारिता की छवि को लेकर या भविष्य के लिए भी परेशानियां खड़ी करता है । आगत रविवार को अपने नियमित स्तंभ में वे क्या लेकर आ रहे हैं पर उन्होंने बताया की वे बस्तर के हरेपन के बीच इन दिनों उनका लेखन, मनन,चिंतन में जुटे हैं.. हमेशा की तरह असमानता पर चोट करने के साथ मानवीय पक्ष को मजबूत करने पत्रकारिता का एक अहम पहलू है ऐसे ही कुछ कोशिश है बहुत आम,जिसमे भाव महत्वपूर्ण होंगे ।उन्होंने कुछ अंश भी सुनाया जो इस तरह है कि–
शब्द है मेरे पास..
तो इंतजार करो
कि हराम की खाकर
तुम्हारी तोंद कितनी भी बड़ी और मोटी हो जाये..
पर लिखूंगा तो ..
पेंट तुम्हारी नीचे खिसक जाएगी..।।



