उतार-चढ़ाव के बाद भी डटे रह कर युवा नेता नरेंद्र भवानी ने बनाई अपनी जगह …

जिंदगी की तरह राजनीति भी है ..चल रहे तो रास्ते मिलते है..

अवसर बड़ी पार्टियों के किसी भी कमियों से हुए दरार तो तीसरे विकल्प को मिलता है अवसर..

जगदलपुर /नवीन श्रीवास्तव

शहर के वर्तमान पीढ़ी के नेताओं की बात हो तो एक ऐसा ही युवातुर्क नेता है जिसे खारिज नहीं किया जा सकता वह युवा है ..आम युवाओं की तरह गीत संगीत के साथ और भी शौक है जिससे वह ऊर्जा पाता है पर इस सबसे अलग कुछ करने की इच्छा स्वभाविक ही उसमे देखा जा सकता है..मैदानी स्तर पर राजनीति के साथ सार्वजनिक छेत्रअ मेँ परिश्रम से जगह बनाने वाले का नाम है …नरेंद्र भवानी उतार चढ़ाव, और विपरीत परिस्थितियों के बीच वर्षों से बस्तर हित के मुद्दों को वह डटा हुए है …यही कारण है कि युवा नेता के रूप में उसकी अपनी जगह है …उनके टिके रहने के तेवर को देखकर यह अंदाजा भी लगाया जा सकता है कि नरेंद्र अपने को लेकर उठे सवालों, आलोचना का जवाब आखिर में कुछ करके ही देना चाहते है..बहरहाल आप हर परिस्थितियों में एक रास्ते पर चल रहे है तो तकलीफ भले आये पर मुकाम मिलना भी तय होता है
नरेंद्र भवानी वर्तमान में जनता कांग्रेस जोगी पार्टी के प्रदेश महासचिव हैं वह पार्टी के अलग अलग पदों में भी रह कर भी पार्टी के लिए अपने स्तर पर कार्य कर चुके हैं .. नरेंद्र अक्सर शहरी छेत्रों के साथ ग्रामीण छेत्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते दिखते रहे है.. शायद उन्हें पता है कि दोनों ही क्षेत्रों में मौजूदगी से ही पहचान सम्भव है इसी के चलते चौ तरफा मुद्दों को उठाने के संभव कोशिश के साथ नरेंद्र की अपनी पहचान है। जहां कांग्रेस और भाजपा जैसी बड़ी और राष्ट्रीय पार्टी कि अपनी मौजूदगी और अहमियत है पर इसके बावजूद यह बात भी नहीं है कि नई या छेत्रिय किसी पार्टी के लिए कुछ करने का अवसर खत्म हो जाता है … हर छेत्र के साथ राजनीति में भी परिश्रम ,सूझ हर परिस्थितियों पर टिके रहना और कुछ कर गुजरने वालों के लिए सदैव मौका होता है पर यह की जो यह कुछ करना चाहते है वे लक्ष्य तय कर लंबी मेहनत करें हालाँकि राजनीति को लेकर नई पीढ़ी के नेताओं में जल्दी ही सुखद परिणाम देखने की उत्सुकता होती है ।
जहाँ तक जोगी कांग्रेस के सिपाही नरेंद्र भवानी की बात है तो वे सहज दिखने वाले मुद्दों को उठाते दिखते हैं चाहे वह शहरी क्षेत्र में बुनियादी समस्याओं से जुड़े मुद्दे हो.. बिजली ,पानी, स्कूल का मामला हो या अवैध शराब का हो या फिर बस्तर के मिजाज के हिसाब से तोकापाल के राजुर पंचायत में पेड़ काटने जैसा मामला हो.. किसान से जुड़े धान खरीदी का मामला हो यह किसानों के बीच बिचौलियों की बात हो अतिक्रमण , पट्टा ,निर्माण कार्य, भरस्टाचार से जुड़े विषयों को लेकर वह अपनी आवाज बुलंद करते रहते हैं …इस तरह मेहनत से भवानी ने अपनी जो जगह ,पहचान बनाई है उसे लेकर संभव है जल्दी ही दूसरे युवा जो इस छेत्र में आना चाहते है इउन्हें रास्ता दिखें वैसे बस्तर के राजनीति में इन दिनों युवाओं की सक्रियता बढ़ी है ..दूसरे तरफ जनता कांग्रेस जोगी पार्टी के साथ पार्टी को लेकर एक तरह से रुझान भी दिख रहा यह पार्टी में भवानी जैसे नेताओं के साथ पार्टी के लिए भी अच्छा लक्षण है ।खास बात है कि जब सत्ता में बड़ी पार्टी हो और विपक्ष में भी एक बड़ी पार्टी ..ऐसे में जब मुद्दे को नौसिखिया या अपेक्षाकृत तीसरी पंक्ति के राजनीतिक पार्टी उठाते हैं तो इन्हें नजरअंदाज करना और भी मुश्किल होता है क्योंकि ऐसे में दो बड़ी पार्टियों के किसी कारण से भी हुए रिक्त स्थान से तीसरे को प्रवेश मिलता है ..समीक्षा,मूल्यांकन के दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण होता है कुल मिलाकर तमाम तरह के उतार चढ़ाव कठिनाइयों के बीच आवाज उठा रहे युवा नेता भवानी एक विकल्प के तौर पर बस्तर के मुद्दों को लेकर ऐसे ही जगहों को भरते दिख रहे..यह उम्मीद जगाता है अब यह उसके ऊपर है कि वह खुद को साबित करने कितना कुछ करते है..इतना है कि जिस अनुपात में वह काम करेंगे परिश्रम होगा ..उसी अनुपात में आने वाले दिनों में जनता मानस के साथ राजनीतिक में भी नरेन्द्र भवानी की अपनी जगह होगी।

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