राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office-NSO) द्वारा असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises) के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन




राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों के द्वितीय दौर के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने हेतु राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन रायपुर में दिनांक 05.07.21 से 07.07.21 तक किया जा रहा है जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं रायपुर स्थित सभी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी गण प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे ।
मुख्य अतिथि डॉ के.सुब्रमण्यम, सदस्य, राज्य योजना आयोग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस सर्वेक्षण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रोशन लाल साहू, उपमहानिदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा की गई । इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री एस.के.तिवारी, सहायक निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर भी उपस्थित थे ।
1950 में भारत सरकार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ.) वैज्ञानिक प्रतिचयन पद्धतियों द्वारा विभिन्न समाजार्थिक विषयों पर सर्वेक्षण करता है । राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के सुयोग्य तथा प्रशिक्षित अधिकारीगण इन सर्वेक्षणों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई अनुसूचियों के माध्यम से सूचना एकत्र करते हैं ।
इसी क्रम में असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण का द्वितीय दौर 01 अप्रैल 2021 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2022 तक संचालित किया जाएगा । कोविड-19 के कारण सर्वेक्षण का कार्य अप्रैल 21 से प्रारंभ न होकर जुलाई 21 से प्रारंभ किया जाएगा । पहली बार “असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 के मध्य संपूर्ण देश में आयोजित किया गया था ।
इस सर्वेक्षण में देश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में असमाविष्ट क्षेत्र में विनिर्माण, व्यापार और सेवाओं के लिए गैर-कृषि उद्यमों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण किया जाएगा । एन एस ओ द्वारा वार्षिक आधार पर कराए जा रहे इस सर्वेक्षण से असमाविष्ट क्षेत्र में विनिर्माण, व्यापार तथा सेवाओं में कार्यरत उद्यमियों की आर्थिक स्थिति की जानकारी के अतिरिक्त गैर-कृषि उद्यमों का परिचालानात्मक एवं आर्थिक विवरण प्राप्त होगा जिसका उपयोग राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर राष्ट्रीय आय के आंकलन, सकल स्थिर पूँजी निर्माण, आगत-निर्गत विश्लेषण आदि के लिए किया जाएगा ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के उपमहानिदेशक श्री रोशन लाल साहू ने बताया कि असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों का देश के सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है । इस क्षेत्र में विश्वसनीय एवं सतत आंकड़ों के लिए भारत सरकार द्वारा असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों का देशव्यापी वार्षिक सर्वेक्षण किया जा रहा है जिसमें विनिर्माण, व्यापार व सेवा क्षेत्र के असमाविष्ट उद्यमों का वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर चयनित प्रतिदर्शों के माध्यम से सर्वेक्षण किया जाएगा । वर्तमान सर्वेक्षण में अखिल भारतीय स्तर पर कुल 16356 प्रतिदर्शों का और छत्तीसगढ़ राज्य स्तर पर 384 प्रतिदर्शों का सर्वेक्षण किया जाएगा ।
श्री एस.के.तिवारी, सहायक निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय एक महत्वपूर्ण कड़ी है और कोविड के इस कठिन समय में सुदूर इलाकों में जाकर सर्वेक्षण करने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण हो गई है ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ के.सुब्रमण्यम, सदस्य, राज्य योजना आयोग, छत्तीसगढ़ शासन ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा किए जाने वाले सर्वेक्षणों के राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की बहुसंख्यक आबादी असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों में रोजगार अर्जित करती है और इसलिए नीति नियोजन में इस सर्वेक्षण की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है विशेषकर कोविड-19 काल में, जिसमें यह क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है । साथ ही, उन्होंने आंकड़ों की गुणवत्ता पर बल दिया जिससे कि सही आंकडे प्राप्त कर हम बेहतर ढ़ग से नीति नियोजन कर सकें और इस क्षेत्र में कार्यरत मानव संसाधन की आवश्यकताओं का आकलन कर उनके लिए बेहतर कल्याणकारी योजनाएं बना सकें ।
उद्घाटन समारोह के अंत में डॉ चंद्रसेकर के., उपनिदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर ने कार्यक्रम में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया ।
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