कोरोना संक्रमण के चलते असमय ही माता पिता खो चुके छत्तीसगढ़ के बच्चे भी विकास के स्वभाविक धारा से जुड़े रहेंगे

विपदा के अंधेरे को दूर करेगी भुपेश सरकार की छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना

मानवीय भावनाओं ,सरोकार से जुड़े विषयों पर अपने कलम के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार श्री नवीन श्रीवास्तव की लिखी खबर 9 मई को ” संक्रमण के चलते जिंदगी भर की लड़ाई में कहीं कोई बच्चा अकेला ना रह जाए” शीर्षक से भारत सत्ता में भी प्रमुखता से सुर्खी बनी थी

रायपुर /रज्जाक खान ,भारत सत्ता
अब प्रदेश की भूपेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना के माध्यम से कोरोना संक्रमण के चलते असमय माता पिता को खो चुके बच्चों की शिक्षा दायित्व सहित उनके भविष्य को इस वित्तीय वर्ष के साथ सुधारने जा रही है । विदित हो कि वरिष्ठ पत्रकार नवीन श्रीवास्तव जो भारत सत्ता बस्तर ब्यूरो भी हैं के द्वारा प्रदेश भर में कोरोना संक्रमण के चलते असमय माता पिता को खो देने वाले बच्चों के सामने अचानक ही खड़े हो गए विषम वर्तमान के साथ भविष्य को खड़े संकट को लेकर मानवीय भावनाओं के साथ उक्त विषय पर खबर ” संक्रमण के चलते जिंदगी भर की लड़ाई में कहीं कोई बच्चा अकेला ना रह जाए ” शीर्षक से बनाई गई थी जिसे प्रदेश के समाचार न्यूज समूह ,समाचार पत्र एवं वेब पोर्टलों ने 9मई को प्रमुखता से कवरेज किया था वहीँ इस खबर के प्रकाशन के साथ ही बस्तर में सुखद पहलू यह भी सामने आया कि बस्तर में कोरोना के खिलाफ विभिन्न स्तर पर लड़ाई लड़ने के साथ प्रदेश में महामारी के बीच लोगों को राहत देने में लगातार जुटे तेजतर्रार युवा ऊर्जा से भरे सांसद दीपक बैज द्वारा बस्तर में उक्त तरह के संकट से जूझ रहे बच्चों को तुरंत मदद पहुंचाने के साथ उनकी पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी लेने त्वरित रूप से सामने आए । पत्रकार श्री श्रीवास्तव द्वारा गंभीर संक्रमण में असमय माता पिता को खो देने वाले बच्चों को लेकर लिखा गया है कि ऐसे बच्चों के सामने अगर भविष्य का संकट खड़ा हो तो उनका सुध लिया जाए और योजना बनाकर उन्हें भी जिंदगी के स्वभाविक धारा से जोड़ा जाए । छत्तीसगढ़ सरकार ने अब इस गम्भीर विषय को संज्ञान ले राज्य में ऐसे बच्चों के सामने खड़े भीषण संकट को पहचाना है और उनकी शिक्षा-दीक्षा के साथ उनके भविष्य का ख्याल रखने की योजना का वित्तीय वर्ष के साथ शुरू करने जा रही है। इस घोषणा के बाद विश्वास किया जाए कि अब छत्तीसगढ़ में भीषण संकट के बीच अकेले पड़ गए बच्चों के भविष्य को लेकर अचानक घिर आया अंधेरा निश्चित रूप से दूर हो सकेगा उन्होंने प्रदेश सरकार को बच्चों की सुध लेने और उन्हें उनके भविष्य को लेकर योजना बनाए जाने को लेकर साधुवाद दिया है और उम्मीद जताया है कि अब निश्चित रूप से ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनका भविष्य को संवारा जा जाएगा परंतु इसके लिए बच्चों को चिन्हित करने के साथ आगे यह भी आवश्यक होगा कि समय-समय पर इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा हो। भारत सत्ता इस तरह के सामयिक विषय पर उक्त तरह की योजना के साथ बच्चों की सुध लेने छत्तीसगढ़ सरकार को भी अपनी शुभकामनाएं देता है ।

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