FEATURED

फर्क नहीं है मेरे और तुम्हारे होने में। बस तुम थोड़े में खुश हो जाते हो मुझे ज्यादा चाहिए।।

 

नवीन श्रीवास्तव,वरिष्ठ पत्रकार लेखक, जगदलपुर ( छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर विशेष)

 

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस कि अशेष बधाइयां एवं.. शुभकामनाएं ..कामना कि छत्तीसगढ़ राज्य सहज विकास की तेज से दमक उठे… *कामना कि गोबर से लिपे पोते आंगन और चौरे के तुलसी से रोग शोक के सारे बैक्टीरिया दुम दबाकर भागने में ही अपनी भलाई समझे ..कामना इस बात का कि… घर- घर ठेठरी- खुरमी, तीज त्यौहार ,बुजुर्गों के आशीर्वाद और संस्कृति की खुशबू से सारा भेदभाव जल भुन जाए.. कामना कि राज्य के बच्चे ,नई पीढ़ियों के अंदर से हीनता का समूल नाश हो… कामना कि राज्य के युवा चेहरे में तेज व सुदर्शन काया लिए हाथों में विश्वकर्मा का तंत्र लिए भविष्य गढ़ने निकल पड़े.. कामना कि… स्वावलंबन और परिश्रम के साथ कुछ कर गुजरने का जज्बा ..खेत खार, सड़क, चौराहे व पगडंडियों से कल्पवृक्ष बन निकल आए*…

 

राज्य के अस्तित्व में आने 25 बरस से अधिक समय बीत गए हमने बहुत कुछ पाया पर वर्तमान को देखें तो कई सच्चाई हलक फाड़ कर भी चीखने लगता है कि कथनी करनी के बीच इतना भेद क्यों है……तस्वीरें तो बदल रही पर तकदीर कितनी बदली भ्रष्टाचार कितना खत्म कर पाए.. जिसके चलते ही असमानता का अमरबेल राज्य के सहज भविष्य के हरेपन को जड़ों से सूखा रही है.. . सियासी महत्वाकांक्षा ने सबसे ज्यादा छला है ..दायित्वपूर्ति को मुद्दा बनाकर अपना उल्लू साध रहे कथित लोगों से सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा.. शिक्षा तो समानाधिकार है पर हमने क्या किया है .. हमने ही बांट दिया बच्चों को .. यह गरीब यह अमीर…, यह फलाने वह .. नहीं सब एक हैं। *देखिए कहीं सपनों की तरह भव्य स्कूल,शिक्षा सदन है तो कहीं जर्जर .. और विसंगतियों के बीच भविष्य का ताना-बाना बुनते बच्चे.. शिक्षा के सौदागर नाक उठाए बेशर्मी से घुम रहे हैं..किसने बांट दिया इन्हें..युवा बेरोजगार जैसे भिक्षा पात्र लिए रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे है ..सच तो यह है कि अभी बहुत काम है.. आत्ममुग्धता से काम नहीं चलेगा* आओ मिलकर क्यों ना राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को जीवन के ढंग में शामिल करने हम एकजुट हो जाएं ..जिसमें सब शामिल हो गरीब,अमीर,नेता,मजदूर,किसान,श्रमिक,अधिकारी,कर्मचारी छोटे,बड़े स्त्री,पुरूष,बच्चें .. कोई भेद ना हो, सहज विकास सबका अधिकार है ..स्मरण रखें प्रेम ही सबसे बड़ा धर्म है.. भाईचारा,सह्रदयता और दायित्व बोध लिए हम सब खड़े हों ताकि देश के साथ पूरी दुनिया को निश्चल संस्कृति और प्रेम का संदेश देने वाला छत्तीसगढ़ राज्य खुद ही उठकर खड़ा हो जाये.. अपनी खूबियों और विशेषताओं और अपनी सामर्थ्य के साथ दीप्त तेज स्वरूप लिए..।

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