मीना बाजार का स्थल बदले प्रशासन, आस्था क्षेत्र में भीड़ बढ़ाना जनसुरक्षा के खिलाफ : नवनीत चाँद

जगदलपुर। बस्तर दशहरा के दौरान माँ दंतेश्वरी मंदिर एवं राजमहल परिसर के समीप प्रस्तावित मीना बाजार को लेकर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने जिला प्रशासन से तत्काल स्थल परिवर्तन की मांग की है। संगठन ने मीना बाजार को लालबाग अथवा किसी अन्य बड़े, खुले एवं सुरक्षित मैदान में आयोजित कराने की मांग की है।
मुख्य संयोजक नवनीत चाँद ने कहा कि बस्तर दशहरा के दौरान मंदिर क्षेत्र में पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक मौजूद रहते हैं। ऐसे में सीमित प्रवेश-निकास, संकरी सड़कें, घनी आबादी, पार्किंग एवं पैदल भीड़ का मिश्रित आवागमन तथा अग्निशमन वाहन और एंबुलेंस के लिए सीमित मार्ग जैसी परिस्थितियां बड़े व्यावसायिक आयोजन के साथ भीड़, यातायात एवं आपातकालीन निकासी का खतरा बढ़ा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों द्वारा हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर भी स्थल परिवर्तन की मांग की गई है। पिछले वर्षों में भी इस विषय पर प्रशासन के समक्ष आवेदन एवं आपत्तियां प्रस्तुत होती रही हैं। डब्ल्यूपीपीआईएल क्रमांक 85/2024 में भी बड़े जनसमूह, सार्वजनिक सुरक्षा, पर्याप्त खुले स्थल एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े विषय न्यायिक रिकॉर्ड का हिस्सा रहे हैं।
नवनीत चाँद ने स्पष्ट किया कि मंदिर से 5 किलोमीटर की दूरी को किसी न्यायालयीन अनिवार्यता के रूप में नहीं, बल्कि जनसुरक्षा की दृष्टि से जोखिम आधारित प्रशासनिक सुरक्षा क्षेत्र के रूप में विचार किया जाना चाहिए।
प्रमुख मांगें
– राजमहल परिसर के बजाय लालबाग अथवा अन्य बड़े खुले एवं सुरक्षित मैदान में स्थल परिवर्तन किया जाए।
– वर्तमान स्थल पर आयोजन पर विचार हो तो अनुमति से पहले संयुक्त स्थल सुरक्षा जांच कराई जाए।
– पर्याप्त आपातकालीन निकास, अग्निशमन वाहन मार्ग एवं एंबुलेंस मार्ग सुनिश्चित किए जाएं।
– वैज्ञानिक आधार पर अधिकतम सुरक्षित दर्शक क्षमता निर्धारित किए बिना टिकट बिक्री की अनुमति न हो।
– निगरानी कैमरे, प्रवेश-निकास की वास्तविक समय गणना एवं एकीकृत नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था अनिवार्य की जाए।
– अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, चिकित्सा, भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था की सभी आवश्यक स्वीकृतियां पहले प्राप्त की जाएं।
– स्थानीय नागरिकों के आवागमन, आपातकालीन रास्ते, स्वच्छता एवं ध्वनि नियंत्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो।
नवनीत चाँद ने कहा, “माँ दंतेश्वरी मंदिर आस्था का केंद्र है और मीना बाजार व्यापार एवं मनोरंजन का आयोजन। दोनों को एक ही सीमित एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जोड़ना आवश्यक नहीं है। प्रशासन को दुर्घटना के बाद राहत और जांच से बेहतर दुर्घटना से पहले रोकथाम की नीति अपनानी चाहिए।”
उन्होंने जिला प्रशासन से नागरिकों की आपत्तियों एवं उपलब्ध दस्तावेजों पर समयबद्ध लिखित निर्णय लेने तथा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मीना बाजार का स्थल तत्काल बदलने की मांग की।



