स्वदेशी मेला: 2025 का हिसाब और 2026 की अनुमति में पारदर्शिता जरूरी

NMDC Sponsorship, लालबाग मैदान के उपयोग, राजस्व एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
जगदलपुर। वर्ष 2025 में लालबाग मैदान में आयोजित स्वदेशी मेले के आमंत्रण पत्र में NMDC को “Sponsored by” दर्शाए जाने तथा वर्ष 2026 में पुनः आयोजन की संभावित अनुमति को लेकर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने पारदर्शिता, समानता और जनहित में तथ्यात्मक जांच की मांग की है।
मुख्य संयोजक नवनीत चाँद ने कहा कि हमारा सवाल किसी संस्था, विचारधारा अथवा व्यापार के विरोध का नहीं है। सवाल यह है कि सार्वजनिक मैदान और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था की निधि का उपयोग किस नियम, स्वीकृति और जनहित के आधार पर हुआ।
उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम एवं NMDC से पूछा—
NMDC Sponsorship वास्तव में कितनी थी और किस मद से दी गई? यदि CSR निधि थी तो इसकी वैधानिक पात्रता, स्वीकृति और बस्तर में वास्तविक उपयोगिता क्या रही?
लालबाग मैदान किस अधिकार एवं किस शुल्क पर उपलब्ध कराया गया? कोई छूट दी गई तो उसका वैधानिक आधार क्या था?
व्यापारिक स्टॉलों से प्राप्त शुल्क तथा नगर निगम/शासन को प्राप्त राजस्व का पूरा रिकॉर्ड क्या है?
Fire, Electrical, Police, Traffic, Food Safety तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा प्रमाणपत्रों की स्थिति क्या थी?
झूले अथवा अन्य मनोरंजन उपकरणों की फिटनेस एवं सुरक्षा जांच किस सक्षम विभाग ने की?
क्या आयोजन में सरकारी कर्मचारी, बिजली, पानी, सफाई, वाहन अथवा अन्य सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग हुआ? यदि हाँ, तो उसका खर्च किस मद से हुआ?
2026 की अनुमति से पहले 2025 का रिकॉर्ड जांचा जाए
नवनीत चाँद ने मांग की कि 2025 की अनुमति, Sponsorship/CSR, राजस्व, सभी NOC, सुरक्षा व्यवस्था एवं सरकारी संसाधनों के उपयोग की निष्पक्ष प्रशासनिक एवं तकनीकी समीक्षा के बाद ही 2026 के आयोजन पर निर्णय लिया जाए।
उन्होंने कहा—
“यदि 2025 का आयोजन नियमसम्मत था तो पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बस्तर की जनता को आयोजन से नहीं, अपारदर्शिता से आपत्ति है।”
उन्होंने कहा कि Companies Act, 2013 की धारा 135 एवं लागू CSR नियमों के अनुरूप यदि NMDC की CSR निधि का उपयोग हुआ है, तो बस्तर की स्थानीय आवश्यकताओं के संदर्भ में उसकी उपयोगिता और परिणाम भी स्पष्ट होने चाहिए। वहीं सार्वजनिक मैदान के आवंटन में लागू नगर निगम नियमों और संविधान के अनुच्छेद 14 के समानता एवं गैर-मनमानी के सिद्धांत का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
हमारी मांग
2025 का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक हो।
NMDC Sponsorship/CSR की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो।
मैदान शुल्क एवं राजस्व का हिसाब सामने आए।
सभी सुरक्षा एवं वैधानिक अनुमतियों की जांच हो।
2026 की अनुमति में नियम सभी आयोजकों के लिए समान हों।
नवनीत चाँद ने कहा—
“बस्तर के संसाधनों से बनने वाली सार्वजनिक निधि और सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग बस्तर के हित, समान नियम और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ होना चाहिए। जनता को दावे नहीं—दस्तावेज और जवाब चाहिए।”



