FEATURED

सड़कों पर मवेशियों के चलते दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा पर बीमार, वृद्ध , अशक्त मवेशियों का दर्द अनदेखी ना – आशीष कच्छ

निराश्रित लावारिस मवेशियों के चलते दुर्घटना के बढ़ते खतरे को लेकर भीम आर्मी ने कलेक्टर आयुक्त महापौर को सोपे ज्ञापन।

जिला अध्यक्ष आशीष ने कहा- संयुक्त कार्य योजना बने, जन जागरूकता अभियान के साथ, बीमार, अशक्त मवेशियों की सुध लिया जाए

जगदलपुर।भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बस्तर जिला अध्यक्ष एवं युवा नेता श्री आशीष कच्छ ने कहा है कि निराश्रित, बीमार एवं वृद्ध मवेशियों के तकलीफ़ों को संवेदनशील बताते हुए कहा है इन्हें रेस्क्यू किया जाए उनकी देखभाल के साथ उपचार की व्यवस्था हो उनके दर्द अनदेखी ना किया जाए।

श्री आशीष द्वारा निराश्रित और सड़कों में छोड़े गए मवेशियों के चलते बढ़ते सड़क हादसों एवं यातायात संबंधी खतरे की रोकथाम को लेकर आर्मी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ गत दिवस कलेक्टर , निगम आयुक्त महापौर से मुलाकात की गई इस दौरान उन्होंने उक्त समस्याओं के साथ बीमार, अशक्त एवं घायल पशुओं के उचित संरक्षण एवं उपचार हेतु समयबद्ध कार्यवाही हो इस पहलू को भी सामने रखा । भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विषय में हमने निम्नलिखित बातों को सामने रखते हुए अपना ज्ञापन संबंधित प्रशासन को सौंपा है और विश्वास है कि इस दिशा में उचित कार्रवाई होगी।

इस संबंध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन, बस्तर द्वारा निम्न मांगें प्रस्तुत की जाती हैं—

1. शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों एवं दुर्घटनाजन्य संभावित स्थानों का चिन्हांकन कर सूचीबद्ध किया जाए एवं वहां से निराश्रित मवेशियों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

2. खुले में मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए एवं पशुओं को सार्वजनिक सड़कों पर खुला न छोड़ने के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

3. नगर निगम, पुलिस विभाग, यातायात विभाग, पशुपालन विभाग, RTO एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय समिति/संयुक्त टीम बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए।

4. शहर में निराश्रित पशुओं को पकड़ने, सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने एवं उनके रहने, खाने -पानी की उचित व्यवस्था के लिए नियमित अभियान चलाया जाए।

5. कांजी हाउस/पशु संरक्षण केंद्र की वर्तमान व्यवस्था, क्षमता, साफ-सफाई, भोजन, पानी एवं सुरक्षा की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार उसका विस्तार एवं उचित प्रबंधन किया जाए।

6. बीमार, घायल, वृद्ध एवं अशक्त पशुओं के लिए अलग से पशु चिकित्सा एवं देखभाल की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमित पशु चिकित्सक की सेवा उपलब्ध कराई जाए।

7. गंभीर रूप से बीमार अथवा घायल पशुओं को सड़क से उठाकर उपचार केंद्र तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू वाहन/पशु एम्बुलेंस जैसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

8. प्रत्येक पकड़े गए पशु का रिकॉर्ड तैयार किया जाए तथा उसके मालिक की पहचान होने पर नियमानुसार उसे सुपुर्द करने एवं आवश्यक कार्रवाई की व्यवस्था हो।

9. शहर में पशुओं को खुले में कचरा खाने से रोकने के लिए कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा पशुओं के लिए सुरक्षित भोजन एवं पानी की व्यवस्था पर भी योजना बनाई जाए।

10. निराश्रित पशुओं की संख्या, उनके स्वास्थ्य एवं स्थान की जानकारी के लिए वार्डवार सर्वे एवं रजिस्टर तैयार किया जाए।

11. पशु कल्याण के कार्य में सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

12. यदि नगर निगम/प्रशासन द्वारा भीम आर्मी भारत एकता मिशन को कांजी हाउस अथवा पशु संरक्षण केंद्र की देखरेख एवं संचालन की जिम्मेदारी दी जाती है, तो भीम आर्मी बीमार, घायल एवं अशक्त पशुओं की देखभाल, भोजन, प्राथमिक उपचार एवं संरक्षण का कार्य नियमानुसार करने हेतु तैयार है। इसके लिए प्रशासन के साथ समन्वय कर एक उचित कार्ययोजना बनाई जा सकती है।

13. पशु संरक्षण एवं यातायात सुरक्षा के लिए आवश्यक बजट, मानव संसाधन एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

14. इस विषय में निवेदन है कि पूरे कार्यवाही की 15 दिवस के भीतर समीक्षा कर कार्यवाही रिपोर्ट तैयार की जाए तथा संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक/लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाए।

Related Articles

Back to top button