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बीजेपी- कई बाबाओं का दोहरापनः शाहरुख गद्दार, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच पर सन्नाटा

 

बीजेपी हर विवाद को हिन्दू-मुसलमान मोड़ देने की कोशिश में रहती है। केकेआर क्रिकेट टीम ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को साइन करने पर इसके मालिक शाहरुख खान को ‘गद्दार’ कहा गया, लेकिन एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैचों पर यही लोग चुप्पी साधे रहे।

 

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को खरीदने पर भाजपा नेता और हिंदू धार्मिक संगठन तीखी आलोचना कर रहे हैं। भाजपा विधायक संगीत सोम ने शाहरुख खान को ‘गद्दार’ तक करार दिया है। हिन्दू धार्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर, हिन्दू संत रामभद्रचार्य आदि ने भी इस फैसले की निंदा की है। यह विवाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की वजह से उठा है। हालांकि, यही लोग सितंबर 2025 में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों पर चुप्पी साधे रहे, जिसे आईसीसी ने कराया था। आईसीसी के चेयरमैन जय शाह हैं, जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र हैं। विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं ने इसे भाजपा की ‘दोहरी नीति’ करार दिया है। हालांकि बीसीसीआई ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश दुश्मन देश की सूची में नहीं है, इसलिए वहां के क्रिकेटरों को आईपीएल के अनुबंधित किया जा सकता है।

 

विवाद की शुरुआत आईपीएल 2026 की नीलामी से हुई, जहां केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा। भाजपा नेता संगीत सोम ने 31 दिसंबर 2025 को मेरठ में एक भाषण में कहा, “देश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं और शाहरुख खान जैसे लोग बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में जगह दे रहे हैं। ऐसे गद्दारों के लिए देश में कोई जगह नहीं है।” सोम की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जहां कई हिंदू संगठनों ने इसका समर्थन किया। धार्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर ने भी कहा कि शाहरुख को बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से हटा देना चाहिए, क्योंकि यह हिंदुओं के खिलाफ अत्याचारों को नजरअंदाज करने जैसा है।

 

हिंदू आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान के कार्यों को “देशद्रोह” करार दिया था। रामभद्राचार्य ने कहा, “वह (शहरुख खान) नायक नहीं हैं… उनके कार्य एक देशद्रोही के हैं।” उन्होंने बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता के “चरित्र” पर भी सवाल उठाया।

 

शिवसेना यूबीटी भी विवाद में कूदीः शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आईपीएल में भारतीय धरती पर खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर केकेआर के मालिक शाहरुख खान ने बांग्लादेशी खिलाड़ी (मुस्तफिजुर) को टीम से नहीं हटाया, तो वे इस देश की भावनाओं को नहीं समझते। दुबे ने कहा, “…बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आईपीएल में भारतीय धरती पर खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए… पाकिस्तानी और बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। वे हमारे हिंदू भाई-बहनों की हत्या के कारण हमसे नफरत करते हैं… शाहरुख खान को उस बांग्लादेशी क्रिकेटर को तुरंत अपनी टीम से हटा देना चाहिए… अगर इतने हंगामे के बाद भी वे ऐसा नहीं करते हैं, तो यह साबित हो जाएगा कि भले ही वे इस देश में रहते हैं और पैसा कमाते हैं, लेकिन वे इस देश की भावनाओं को नहीं समझते।”

 

बीसीसीआई का बयान- बांग्लादेश दुश्मन देश नहीं

BCCI ने अपने बयान में कहा कि वह राजनयिक घटनाक्रमों को लेकर भारत सरकार के संपर्क में है, लेकिन उसे मुस्तफिजुर रहमान के खेलने पर रोक लगाने वाला कोई निर्देश नहीं मिला है। एक वरिष्ठ BCCI अधिकारी ने कहा, “बांग्लादेश शत्रु देश नहीं है। फिलहाल, बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL से प्रतिबंधित करने का कोई कारण नहीं है।” BCCI का यह रुख IPL को योग्यता आधारित टूर्नामेंट बनाए रखने के उसके लंबे समय से चले आ रहे नज़रिए जैसा है, साथ ही द्विपक्षीय मुद्दों के कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लंबे समय से बाहर रखे जाने का मुद्दा भी इसमें शामिल है।

 

बीजेपी-हिन्दू नेताओं के दोहरेपन पर सवाल

इस बयान पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, “शाहरुख पर ‘गद्दार’ का आरोप भारत की बहुलता पर हमला है।” कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा, “यह फैसला बीसीसीआई की अनुमति से हुआ है, जो खेल मंत्रालय के अधीन है। पहले तय करें कि विदेशी खिलाड़ियों को अनुमति दी जाए या नहीं।”

 

आईपीएल 2026 में एक बांग्लादेशी खिलाड़ी की एंट्री ने बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। मामला इतना बढ़ चुका है कि अब खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं। इस पूरे विवाद के सेंटर में हैं बॉलीवुड सुपरस्टार और केकेआर के को-ओनर शाहरुख खान। IPL 2026 के एक्शन में इन्ही की टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को मोटी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया था।

 

दरअसल, आईपीएल 2026 की नीलामी में मुस्तफिजुर रहमान को Kolkata Knight Riders ने 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके बाद से ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में विरोध शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक और बीजेपी नेता संगीत सोम ने शाहरुख खान पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “गद्दार” तक कह डाला।

 

ANI से बातचीत में संगीत सोम ने कहा कि शाहरुख खान को जो कुछ भी मिला है, वह भारत और भारत के लोगों की वजह से मिला है, लेकिन वही पैसा वह ऐसे देश के खिलाड़ी पर खर्च कर रहे हैं, जो भारत के खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे हालात में बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खिलाना देश के साथ धोखा है। सोम ने यहां तक कह दिया कि किसी भी कीमत पर मुस्तफिजुर रहमान को भारत में खेलने नहीं दिया जाएगा और “एयरपोर्ट के बाहर पैर तक नहीं रखने देंगे।”

 

इस पूरे विवाद पर BCCI ने फिलहाल संयम बरतते हुए ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है। बीसीसीआई ने साफ किया है कि जब तक सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं आता, तब तक किसी खिलाड़ी पर बैन लगाने का सवाल ही नहीं है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इनसाइड स्पोर्ट से कहा कि हालात संवेदनशील जरूर हैं, लेकिन बांग्लादेश कोई दुश्मन देश नहीं है और फिलहाल मुस्तफिजुर के आईपीएल खेलने पर कोई रोक नहीं है।

 

हालांकि, मुस्तफिजुर रहमान की आईपीएल में पूरी उपलब्धता अभी भी कुछ शर्तों पर निर्भर करेगी। अप्रैल में बांग्लादेश की न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज है और अगर Bangladesh Cricket Board ने एनओसी देने में देरी की, तो वह कुछ मैच मिस कर सकते हैं। वीजा को लेकर बीसीसीआई का कहना है कि कोई बड़ी दिक्कत नहीं दिख रही और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए लिया गया वीजा आईपीएल तक बढ़ाया जा सकता है।फिलहाल पूरा मामला राजनीति, क्रिकेट और कूटनीति के बीच फंसा हुआ है। शाहरुख खान पर लगे आरोपों और धमकियों के बीच अब सभी की नजरें भारत सरकार और बीसीसीआई के अगले कदम पर टिकी हैं।

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