जिला बस्तर में बालक आश्रम, कन्या आश्रम, एवं स्कूलों की मरम्मत करने की राशि पर जिम्मेदारो ने डाला डाका — नरेंद्र भवानी

युवा मंच संस्थापक ने कहा- खुल के कर दिए लाखों करोडो का भ्रष्टाचार और विधानसभा मे नेता के सवाल का जवाब मे विभाग ने दी झूटी जानकारी, कार्य पूर्ण व जांच प्रतिवेदन प्राप्त कहकर, आखिर मे क्या बस्तर भ्रष्टचार करने के लिए बन गया है चारा गाह
लिखित शिकायत देकर करेंगे कार्यवाही की मांग और कार्यवाही नहीं तो आरोप सही, जाऊँगा न्यायालय लेकिन लूट भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं – नरेन्द्र भवानी /संस्थापक छत्तीसगढ़ युवा मंच*
*जगदलपुर ।छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर सीधे भाजपा सरकार की नीति पर आरोप लगाते हुवे कहा है की जिला बस्तर मे भाजपा की टीबल इंजन सरकार की देख रेख मे स्थानीय आदिवासी बच्चों के पढ़ाई लिखाई रहने की जगहों पर आश्रम स्कुल जैसे पढ़ाई के मंदिर पर रखरखाव मरम्मत के नाम पर लाखों करोडो का भ्रष्टाचार कर जिम्मेदार अधिकारियों की सांठ गांठ से यह लूट खुलेआम जारी है जिसके खिलाफ जल्द ही लिखित शिकायत देकर कार्यवाही की मांग किया जाएगा।
भवानी ने कहा कि कार्यवाही नहीं होने की स्थिति मे न्यायालय का दरवाजा तक भी जाना पड़े तो जाऊंगा।
*उन्होंने आगे बयान मे कहा है की स्कुल आश्रम जतन योजना मे स्कुल का आश्रमो भवनो का अच्छे से रखरखाव जरुरी निर्माण कार्य हेतु यह योजना के तहत काम करना पड़ता है किन्तु बेहद चौंकाने वाला विषय यह है की जिला बस्तर अंतर्गत 10 लाख से ऊपर के बजट मिले आश्रम और स्कुल भवनो का जब मूल्यांकन म किया गया तो जिस जिस भवन मे कार्य पूर्ण का सत्यापित जानकारी दिया गया था उन भवनो में काम ही नहीं हुवा कुछ आश्रम मे आधा अधूरा काम करके छोड़ दिया गया तो कुछ आश्रम मे केवल नाम मात्र का काम दिखा ।
बयान में कहा गया है कि करोडो रुपय स्वीकृत की जानकारी दिया गया और तो और प्रत्येक कार्य पर जांच प्रतिवेदन पत्र भी प्राप्त का सत्यपित जानकारी विभाग द्वारा दिया गया जबकि भवन प्रिंसिपल या अधिक्षको से बात हुई चर्चा हुई उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया की काम एक तो अधूरा हुवा है या तो ना के बराबर हुवा है तो हम जांच प्रतिवेदन कैसे दे देंगे का कहना है, अब सवाल यह उठता है की इस जतन योजना अंतर्गत करोडो की राशि स्वीकृत बता कार्य पूर्ण बता जांच प्रतिवेदन प्राप्त बता उसके बाद जब उक्त स्कुल आश्रम मे मूल्यांकन किया जिम्मेदार अधिक्षक व स्कुल प्रभारियों के साथ तो कार्य अपूर्ण दिखा दिया या तो कार्य हुवा ही नहीं दिखाई दिया जांच प्रतिवेदन किसी भी जिम्मेदार प्रभारियों ने नहीं दिया है का कहना हुवा तो सम्बंधित विभाग विधानसभा मे क्यूँ झूठा जवाब दिए क्या भाजपा सरकार मे ऐसे अधिकारियों पर कार्यवाही होगी?



