अनलॉक के बाद तीन गुना बढ़ा हवा में प्रदूषण – दिवाली में हवा में फैलेगा जहर

रायपुर, राजधानी में अनलॉक के साथ ही फैक्ट्रियों के खुलने, सड़कों में वाहनों की संख्या बढऩे के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। नवंबर माह में दिवाली में जलाए जाने वाले पटाखों के कारण प्रदूषण का स्तर आठ से दस गुना बढ़ सकता है। पत्रिका को मिले आंकड़ों के मुताबिक अनलॉक से पहले शहर की हवा में एक्यूआइ 85 से 94 के बीच था। अब 257 से 140 के बीच हो गया है। इसी तरह पीएम 10 जो कि लॉकडाउन में 84 से 45 के बीच था अब वह 142 से 80 हो गया है।

 

 

इसी तरह पीएम 2.5 का स्तर 49 से 38 के बीच था जो 31 अक्टूबर को 123.956 से 62.54 दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रात का तापमान कुछ कम हो रहा है। इस वजह से सतह से 15 से 25 फीट तक हवा का घनत्व बढ़ेगा। इस वजह से प्रदूषण हवा में ज्यादा उंचाई तक नहीं जा पाएगा। इससे हमारे आसपास की हवा ज्यादा प्रदूषित होगी।

 

 

 

कोरोना संक्रमण का असर फेफड़ों में ज्यादा करता है। इस तरह प्रदूषण के स्तर के दो से तीन गुना बढऩे के कारण परेशानी बढ़ सकती है। ठंड के दिनों में हवा में प्रदूषण ऊपर जाने के बजाय नीचे रहते हैं। इससे एलर्जी व अस्थमा बढ़ जाता है। कोरोना के कारण अस्थमा और स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ सकता है।लॉकडाउन के बाद राजधानी में प्रदूषण का स्तर कम हो गया है।

 

 

शहर के ज्यादातर हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के नीचे चला गया था। आम दिनों में यह 100 से ऊपर रहता है। जानकारों का कहना है कि वाहनों से निकले वाले कार्बन की मात्रा कम हो गई है। होटलों, रेस्टोरेंट तथा कारखानों के बंद होने से धुआं भी नहीं हो रहा था। शहर में निर्माण कार्य भी पूरी तरह थमा हुआ था। साथ ही वाहन नहीं चलने वजह से हवा के दूषित करनेवाले कण पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर काफी नीचे चला गया था। अब सभी गतिविधियां शुरू हो गई है। जिससे प्रदूषण का स्तर फिर पहले जैसा हो गया है।एयर क्वालिटी इंडेक्स(एक्यूआई) 0 से 50 के बीच होना चाहिए। इसी तरह पीएम 10 (धूल के बड़े कणों की मात्रा) पीएम 2.5 का मान(धूल के छोटे कणों की मात्रा) केंद्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक किसी भी जगह पर पीएम 10 का मान 60 और पीएम 2.5 का मान 40 मिली प्रति मीटर क्यूब के ऊपर नहीं होना चाहिए।

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