अभिनेता दर्शन ने लगाई जेल में सुविधाओं की गुहार, याचिका पर अदालत का फैसला सुरक्षित

अभिनेता दर्शन ने जेल ट्रांसफर और जेल में कुछ सुविधाओं की गुहार लगाई है। बेंगलूरू की एक सिविल एवं सत्र अदालत ने दर्शन की दो याचिकाओं पर अपना फैसला 9 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है। एक याचिका अभियोजन पक्ष द्वारा दायर की गई है, जिसमें अभिनेता दर्शन को बल्लारी सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। दूसरी याचिका खुद दर्शन ने दायर की है, जिसमें जेल के अंदर बुनियादी सुविधाओं का अनुरोध किया गया है।
दर्शन के वकील ने जेल ट्रांसफर का विरोध किया
दर्शन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदेश चौटा ने जेल ट्रांसफर का विरोध करते हुए कहा कि बेल्लारी बेंगलूरू से करीब 310 किलोमीटर दूर है, जिससे अभिनेता के लिए हर अदालती सुनवाई के लिए यात्रा करना अव्यावहारिक है। इसका विरोध करते हुए, विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) प्रसन्न कुमार ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने दर्शन की जमानत रद्द करते हुए जेल में उसके आचरण पर पहले ही गौर कर लिया था, इसलिए उसके ट्रांसफर के लिए किसी अतिरिक्त औचित्य की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक आधार ही आरोपी को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने के लिए पर्याप्त थे।
गद्दा, तकिया और कंबल सहित बिस्तर की मांग
दर्शन की कानूनी टीम ने गद्दे, तकिये और कंबल सहित बिस्तर उपलब्ध कराने के निर्देश भी मांगे। उन्होंने कहा कि विचाराधीन कैदियों को न्यूनतम सुविधाओं का हक है। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि किन कानूनी आधारों पर ऐसी जरूरी सुविधाओं से इनकार किया जा सकता है।
हत्या जैसे गंभीर आरोपों का सामना करने वालों के लिए बिस्तर की सुविधा नहीं
हालाकि, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि दर्शन का अनुरोध समय से पहले ही दायर किया गया था, जो उसके जेल जाने के दो दिन बाद ही दायर किया गया था। विशेष लोक अभियोजक प्रसन्न कुमार ने आगे बताया कि कर्नाटक कैदी अधिनियम के प्रावधान दोषी कैदियों पर लागू होते हैं, विचाराधीन कैदियों पर नहीं। उन्होंने तर्क दिया कि अखबार और किताबें तो दी जा सकती हैं, लेकिन हत्या जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों के लिए बिस्तर और तकिये जैसी सुविधाएं अनुमन्य नहीं हैं।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद, अदालत ने इस मामले पर अपना फैसला 9 सितंबर तक सुरक्षित रख लिया। दर्शन, उनकी मित्र पवित्रा गौड़ा और अन्य लोग रेणुकास्वामी हत्या मामले में जेल में हैं।



