
भोपाल। मध्यप्रदेश में पटवारी भर्ती में सरकार द्वारा रोक के बाद भी सियासत जारी है। बीजेपी और कांग्रेस में मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी है। मामले में कांग्रेस ने आज प्रेस कान्फ्रेंस (press conference) कर सरकार पर फिर हमला बोला है। कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर घोटाले की फाइल खोलेंगे और लिए गए शुल्क को अभ्यर्थियों को वापस भी करेंगे
शुक्रवार को कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री और विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि- प्रदेश का भविष्य संकट में है. व्यापमं नाम बदनाम हुआ, कलंक है.। व्यापमं के 50 लोगों की हत्या हुई. नाम बदला पर काम घोटाले का है. अब व्यापमं 03 का नया मामला आया है. सरकार के कुकर्म छिपते नहीं है. पटवारी घोटाला 2023 सरकार ने कराया है. उन्होंने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान पर पलटवार किया है. कहा कि नरोत्तम मिश्रा बचा रहे हैं, सरकार जांच की बात कर रही है. ऐसा धांधली की बंदरबांट के लिए हो रहा है.
जीतू पटवारी ने कहा कि- 12 लाख 34 हजार अभ्यर्थियों ने फार्म भरा. 9 लाख 74 हजार ने परीक्षा दी. देश के इतिहास में सबसे बड़ा ऑनलाइन परीक्षा घोटाला है. पटवारी परीक्षा के पेपर बिकने का मामला सामने आया था. सरकार ने मामले पर एक्शन नहीं लिया. व्यापमं के नाम से 775 करोड़ की एफडी बैंक में हैं. इसके बाद भी परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है. कांग्रेस की मांग, पटवारी परीक्षा रद्द होनी चाहिए. सरकार हाई कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराए. ब्याज समेत फीस भी हो वापस. जिस कॉलेज में गड़बड़ी हुई वहां भी बुलडोजर चलाएं. परीक्षा गड़बड़ी करने वालों को उम्र कैद हो.



