मणिपुर में आपसी कलह में मारे गए 5 कुकी उग्रवादी; असम में डायन हत्या के आरोप में चार को उम्रकैद
मणिपुर के नोनी जिले के देवईजांग गांव में कुकी उग्रवादी संगठन के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, चिन कुकी मिजो आर्मी (सीकेएमए) के इन पांच सदस्यों की हत्या के पीछे के कारणों की अभी पता नहीं चला है। लेकिन संगठन के भीतर हुए विवाद को इसका कारण माना जा रहा है।
सीकेएमए की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गलतफहमियों और कुछ दुर्भावनापूर्ण इरादों के कारण हमारे पांच कार्यकर्ता मारे गए। यह हमारे संगठन और समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। 2008 में केंद्र सरकार के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते पर सीकेएमए ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। यह संगठन दो साल पहले अस्तित्व में आया था।
डायन हत्या के आरोप में 4 को उम्रकैद
असम के बिस्वनाथ जिले की एक अदालत ने मंगलवार को डायन हत्या के मामले में चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह घटना 10 साल पहले जुलाई 2015 में हुई थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमुद बरुआ ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। सरकारी वकील जाह्नवी कलिता ने बताया कि पीड़िता को भीमाजुली गांव में अंधविश्वास के चलते डायन बताकर बेरहमी से प्रताड़ित कर हत्या कर दी गई थी। मामले में ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की मौत हो गई, जबकि कुछ को बरी कर दिया गया। गांववालों ने पीड़िता पर जादू-टोना करने का आरोप लगाकर उसका सर काट दिया था। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा हो गया था।



