जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी ने कहा– ए.डी.आई. और डी.आई के संरक्षण में रेमडीसिवीर का धंधा,स्वास्थ्य मंत्री से करेंगे शिकायत


BY-नवीन श्रीवास्तव
संभागीय सयुंक्त महासचिव नरेंद्र भवानी ने कहा — बस्तर में नहीं चलने देंगे मनमानी
जगदलपुर । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी के संभागीय सयुंक्त महासचिव श्री नरेंद्र भवानी ने प्रेस विज्ञपति जारी कर कहा कि भ्रष्ट सरकार के प्रशासन को मुर्ख बनाकर ए.डी.आई. और डी.आई के संरक्षण में रेमडीसिवीर का धंधा बस्तर जिले में ए.डी.आई और डी.आई ने मिलकर निजी मेडिकल स्टोर को ब्लेक मार्केटिंग करने का लाईसेंस दें दिया है जो निंदनीय है, अशोभनीय है ।इस पर बस्तर के जनप्रतिनिधि क्यूँ खामोश हैं ! जबकि बस्तर रेडक्रॉस को यदि रेमडीसिवीर मिलता जो पहले से ही आम जनताओ को कई प्रकार कि सेवा दें रहे है तो निश्चित ही निर्धन गरीब को भी रेमडीसिवीर का इंजेक्शन मिल जाता ! लेकिन तकनीकी रूप से प्रशासनिक अधिकारी एक्सपर्ट नहीं होने का पूरा पूरा लाभ ए.डी.आई और डी.आई ने बस्तर जिले में खूब लाभ उठाया है, जबकि स्पष्ट प्रशासनिक निर्देश के बाद भी जिस तरीके से निजि मेडिकल स्टोर वाले के लिए अनुसंशा कर रहे है !उसी तरीके से रेडक्रॉस जन औषधि केंद्र के लिए रेमडीसिवीर इंजेक्शन के लिए अनुसंसा पत्र नहीं दिया गया, ऊपर से नीजी मेडिकल स्टोर के मालिक को, प्रशासनिक अधिकारियों से मिलाकर गुमराह करने के साथ ही अधिक रेट में रेमडीसिवीर खरिदने के लिए बाध्य करने का प्रयास किया गया है जो गलत है समस्या काल को अवसर में बदलने का घिनोना पाप है, जबकि कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बाद भी, पूरा इजेक्शन मेडिकल काँलेज को नहीं देकर प्रायवेट हास्पिटल को देना वो भी अधिक रेट में दिया गया। जबकि एम.आर.पी रेट और खरीदी रेट सभी मेडिकल लाईन में जानते हैं ,आपदा को अवसर में बदलने वाले धंधेबाजों को संरक्षण देने वाले ड्रग इंसपेक्टरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग के साथ साथ छत्तीसगढ़ स्वास्थय मंत्री जी को भी पत्र लिख जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी (जोगी) सारी बातों से कराएंगे अवगत । यदि कार्यवाही नहीं होती है ! तो जनता के आक्रोश का सामना प्रशासन करेगा। प्रशासन खरीदी बिल मंगाकर देख ले कि कैसे भ्रष्ट सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों ने इस आपदा को भी जनता को लूटने का अवसर प्रदान किया है। यदि रेडक्रॉस के लिए ड्रग इंसपेक्टर अनुसंशा करते तो आज कई लोगो को मरने से रोका जा सकता था। रेट कंट्रोल करने का भी अधिकार इन्ही का होता है। अब भी प्रशासन मूर्ख बन ताकता रहेगा तो उनका पढ़ाई पद किसी काम का नहीं।



