छत्तीसगढ़ विधानसभा हंगामा में शिव डहरिया और अजय चंद्राकर के बीच धक्का -मुक्की

- छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही जारी है. सदन में आज बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमकर बवाल हो गया. नेता कार्यवाही में चर्चा के साथ-साथ हाथापाई पर उतर आए. सदन में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर और नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया के बीच तेज आवाज में नोकझोक तो हुई ही लेकिन मामला इतना गरमाया की सदन में मारपीट होते होते रहा गया. इसके बाद सदन से विपक्ष ने वॉक आउट कर लिया है. अब लांच टाइम के बाद विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू होगी.
सदन में हाथापाई होते होते रह गया
दरअसल आज विधानसभा में आरक्षण बढ़ाने के संशोधन विधेयक को सरकार पेश करेगी. इसको लेकर पूर्व मंत्री और बीजेपी एमएलए अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया था. चंद्राकर ने पीसीसी चीफ और कांग्रेसी विधायक मोहन मरकाम पर विशेषाधिकार भंग करने का आरोप लगाकर मोहन मरकाम पर कार्यवाही करने की मांग की. अजय चंद्राकर का कहना है कि विधानसभा की अधिसूचना से पहले मोहन मरकाम को कैसे पता चला कि 2 दिसंबर को बिल पेश होगा. इसपर विधानसभा अध्यक्ष का भी जवाब आया उन्होंने कहा कि इसपर अपना फैसला बाद में देंगे. तब इधर अजय चंद्राकर और मंत्री शिव डहरिया के बीच विवाद हो गया.
सदन में पहली बार नेताओं के बीच हाथापाई की नौबत
सदन में पहली बार इस तरह नेताओं के बीच तीखी नोंकझोंक के बाद हाथपाई की स्थिति को लेकर बीजेपी के पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस को कुश्ती के लिए चुनौती दे दी है. इसके अलावा उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंत्री कह रहे हैं “हमारे नेता कहे तो आपके ऊपर आकर बैठ जाएंगे” ऐसा कहने के लिए मुख्यमंत्री उकसा रहे हैं. ये बेहद दुर्भाग्यजनक है.
कांग्रेस को कुश्ती के लिए बृजमोहन अग्रवाल ने दिया चैलेंज
बृजमोहन अग्रवाल ने आगे मीडिया के सामने कांग्रेस सरकार को कुश्ती के लिए चैलेंज किया है. पूर्व मंत्री बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा हम भी अपनी माता के पुत्र हैं, हममें भी दम है, ऐसे कोई चैलेंज करेगा तो उसे जवाब देना जानते हैं. अगर ऐसा ही कुश्ती लड़ना चाहते हैं, तो हम लड़ने के लिए तैयार हैं. इसके आगे उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है. बहुमत तो पशुबल का भी होता है.



