आत्मानंद स्कूलों के शिक्षको व अथिति शिक्षको के वेतन एवं सुविधाओं में भेद भाव,राज्य सरकार का बस्तर में दोहरी शिक्षा गलत नीतियां,बस्तर के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों इस अन्याय के खिलाफ मौन धारण क्यों? -नवनीत चांद

अथिति शिक्षको के हड़ताल को मिला ,मुक्ति मोर्चा व जनता कांग्रेस जे के नेता नवनीत चांद का साथ, एकल शिक्षक,शिक्षक विहीन स्कूलों भारी मात्रा जिले में,तो फिर बस्तर के शिक्षा व्यवस्था से सरकार की वादा खिलाफी क्यों? -मुक्ति मोर्चा/जनता कांग्रेस जे
जगदलपुर ।बस्तर संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर संभाग के 7 जिलों में सरकार , क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते लड़खड़ाती शिक्षा व्यवस्था को कम वेतनमान में अपने कंधो में उठाए बस्तर के महान शिक्षा योद्धा अथिति शिक्षको सरकार की वादा खिलाफी के विरुद्ध अनिश्चित कालीन हड़ताल में बैठे, शिक्षको की मांगो को मिला बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य सयोजक व जनता कांग्रेस जे के बस्तर जिला अध्यक्ष नवनीत चांद के नेतृव में मुक्ति मोर्चा व जनता कांग्रेस जे के पदधिकारियो का साथ,बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य सयोजक व जनता कांग्रेस जे के बस्तर जिला अध्यक्ष नवनीत चांद ने हड़ताल कर्मियों की मांगो को जायज ठहराया और राज्य सरकार , क्षेत्रीय स्थानीय जनप्रतिनिधियों व विभागीय जिमेदारो को सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए कहा की, राज्य सरकार की बस्तर में लड़खड़ाती शिक्षा व्यवस्थाओं को अपने कंधे का सहारा देकर उठाने वाले अथिति शिक्षको को अधिकतम कार्य के बाद भी दैनिक वेतन भोगी की तरह न्यूनतम वेतनमान में बैगर सुविधाओं अधर भविष्य में रखना सरकार का इन पर अत्याचार है। जहा एक तरफ बस्तर में राज्य सरकार जिला स्तर पर कमेटी गठित कर बस्तर के अधिकार के डीएमएफटी योजनाओं की राशि को खर्च कर, स्वामी आत्मानंद स्कूलों में अधिकतम वेतन ,गुणवत्ता से भरे सुविधाओं को प्रदाये कर अंग्रेजी भाषा में शिक्षा देने की मुहिम को बस्तर में शिक्षा में बदलाव बता जनता के बीच वाह वाही लूट रही है। तो वही सरकार की शिक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित बस्तर की प्राथमिक,माध्यमिक, हायर सेकेण्डरी स्कूलों शिक्षको ,सुविधाओं व गुण वताओ की कमी के चलते पिछड़ती जा रही है।बस्तर सहित सम्पूर्ण राज्य के सरकार द्वारा बच्चो के बीच शिक्षा की दोहरी नीति को संचालित कर बच्चो के समान शिक्षा के अधिकार से वंचित कर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसी गलत व्यवस्थाओं का बस्तर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सरकार का विरोध करने के बजाए मौन धारण करना बस्तर के शिक्षको,बच्चो के अधिकार के साथ खिलवाड़ है।जिसका बस्तर की जनता विरोध करती है। नवनीत ने कहा,बस्तर के अथिति शिक्षको से राज्य सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधिय अपना वादा पूरा कर नियमितीकरण का तोफा दे उनकी जायज 9 सूत्रीय मांगो को नियमानुसार पूरा करे इस दौरान,मुक्ति मोर्चा व जनता कांग्रेस जे पदधिकारियो के रूप में शहर युवा अध्यक्ष शलेंद वर्मा,शहर महामंत्री बिट्टू,शहर सचिव कुंदन पाटिल आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।*



