हेमंत समेत सारे विधायक शिफ्ट होंगे रायपुर, झारखंड में महाराष्ट्र रिपीट होने का डर

पत्थर खनन आवंटन मामले में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट केस का सामना कर रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को महागठबंधन के विधायकों में सेंधमारी का डर सता रहा है। महाराष्ट्र में हाल ही में शिवसेना में हुई टूट से सबक लेते हुए महागठबंधन के सभी विधायकों को कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ ले जाने का फैसला किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सत्ताधारी खेमे के सभी विधायक विशेष विमान से रायपुर निकलेंगे।

सरकार ने इंडिगो का प्लेन कराया बुक कराया है। सीएम हाउस में विधायकों की बैठक बुलाई गई है। विधायकों को लगेज लेकर आने का निर्देश दिया गया है। इसके तुरंत बाद विधायकों का सीएम हाउस पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

विधायकों को छत्तीसगढ़ ले जाने का फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द होने की आशंका है तो दूसरी तरफ कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार बुरी तरह घिरी हुई है। एक तरफ दुमका में अंकिता हत्याकांड को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं तो दूसरी तरफ पलामू में महादलितों पर हुए अत्याचार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ विधायक बिकने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन ऐसे भी विधायक होते हैं जो इसके लिए तैयार नहीं होते। उन्होंने कहा कि उन्हें कुर्सी का लालच नहीं है और इसलिए तनाव में नहीं है। मुख्यमंत्री झारखंड में कैश के साथ पकड़े गए कांग्रेस के तीन विधायकों से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। इससे पहले रविवार को सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि आज जो स्थिति है, उससे हॉर्स ट्रेडिंग की बदबू आ रही है। भाजपा पीठ में छुरी क्यों मार रही है, इससे अच्छा है कि डायरेक्ट 356 लगाकर हमारी सरकार को बर्खास्त कर दे।

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