योग कर निमोनिया से जीती जंग

16 साल के उम्र में अब तक 20 हजार लोगों को निशुल्क प्रशिक्षण दे चुके हैं और प्रशिक्षण लगातार जारी

धमतरी. निमोनिया से लड़ने सात साल की उम्र में माता-पिता के साथ अस्पताल व डाक्टरों व अस्पताल का चक्कर लगाया। खूब दवाई व टानिक पीये, लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। फिर टीवी देखकर योग करना शुरू कर दिया। सेहत में सुधार आने लगा, तो हर रोज करने लगा। धीरे-धीरे योग के कई योगासन सीखे और आज स्वयं योग प्रशिक्षक बनकर लोगों को तंदुरुस्त कर रहे हैं। 16 साल के उम्र में अब तक 20 हजार लोगों को निशुल्क प्रशिक्षण दे चुके हैं और प्रशिक्षण लगातार जारी है।

धमतरी शहर के पंचवटी कालोनी निवासी ऋषभ त्रिपाठी उम्र 16 साल योग के क्षेत्र में पहचान के मोहताज नहीं है। कम उम्र में योग के कई गुर सीकर आज जाने-माने योग प्रशिक्षक है। धमतरी जिले के 350 गांवों में कई जगह योग प्रशिक्षण कर 20,000 से अधिक लोगों को निशुल्क योग का प्रशिक्षण दे चुके हैं। वह कक्षा 12वीं की पढ़ाई कर वर्तमान में निकले हैं। शहर के सर्वोदय स्कूल का छात्र था। वह आगे कालेज की पढ़ाई कर लोगों को तंदुरुस्त करने निशुल्क योग सिखाएंगे, ताकि कोई बीमार न पड़े।

ऋषभ त्रिपाठी के पिता राजेश त्रिपाठी ने बताया कि जब वह सात साल का था, तो उन्हें सर्दी,खांसी निमोनिया हो गया था। कई डाक्टरों और अस्पतालों का चक्कर लगाए, लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। ऐसे में वह बचपन से ही टीवी देखकर योग सीखने लगा। योग करने के बाद उनकी सेहत में जब सुधार आया, तो वह इस योग को हर रोज अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया। अब वह स्वयं दूसरे लोगों को योग सीखाकर तंदुरुस्त बना रहे हैं।

भविष्य में भी वह हर वर्ग को निशुल्क योग प्रशिक्षण देकर तंदुरुस्त बनाएंगे। उनकी मां रानू त्रिपाठी शिक्षिका है। ऋषभ त्रिपाठी ने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति को हर रोज पौन घंटे से एक घंटा योग करना चाहिए, ताकि सेहत तंदुरुस्त बना रहेगा। अब तो योग ही जीवन है। स्वयं योग कर दूसरों को योग सिखाएंगे।

योग गुरु बाबा रामदेव से मिले

ऋषभ त्रिपाठी योग प्रशिक्षक बनने के बाद योग गुरु बाबा रामदेव के बुलावे पर दो बार वर्ष अप्रैल 2014 व 2016 में मुलाकात कर चुके हैं। वहां से योग के अन्य गुर का प्रशिक्षण ले चुके हैं। अब वह इन योग के गुर को अन्य लोगों को सिखा रहे हैं। ऋषभ त्रिपाठी जिला प्रशासन समेत कई बड़े आयोजनों में कलेक्टर,एसपी, विधायक समेत कई बड़े जनप्रतिनिधि व अधिकारी कर्मचारियों को योग सिखाते हैं। साथ ही साथ योग के सभी आसन्न और उनके फायदे बाबा रामदेव की तरह बताते हैं। ऐसे में उनके कम उम्र में योग करने के तरीका और सेहत की जानकारी से सभी वर्ग प्रभावित रहते हैं।

भागवत- रामायण के कथाकार

ऋषभ त्रिपाठी योग प्रशिक्षक के साथ-साथ भागवत व रामायण के कथाकार है। 16 साल की उम्र में अब तक चार बार भागवत गीता कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। वही रामायण समेत अन्य आध्यात्मिक ज्ञान के कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देते हैं। इस क्षेत्र में भी उनको काफी रूचि है। उनके भागवत गीता कार्यक्रम में इन्हें सुनने के लिए लोग उमड़ते है।

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