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BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बोले- जातिवादी राजनीति से हुआ देश का बड़ा नुकसान

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि देश में राजनीतिक संस्कृति बदल गई है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति 2014 के पहले और 2014 के बाद के एक अलग पैमाने पर देखी-समझी जाएगी। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दलों ने लंबे समय तक सरकारें चलाईं, लेकिन सत्ता में आने के बाद कुछ विशेष लोगों के लिए काम करने लगीं। इससे सुशासन की जगह कुशासन होने लगा। जातिवाद के कारण वोट बैंक पॉलिटिक्स बढ़ी, जिससे सबका हित साधने की उम्मीदों को गहरी चोट लगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह समझना चाहिए कि वे लाखों-करोड़ों लोगों के कस्टोडियन हैं।

 

नड्डा ने कहा कि सुशासन के लिए जनता की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। किसी भी योजना को एकरूप से सबके हित के लिए लागू की जानी चाहिए। इससे उत्पादकता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाकर लोगों का जीवन बेहतर करना सुशासन का सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए। 50 करोड़ लोगों का जनधन खाता खुलवाकर लोगों को नकद आर्थिक सहायता पहुंचाना, आयुष्मान योजना से स्वास्थ्य सहायता प्रदान करना इसी के उदाहरण हैं।

 

मोदी सरकार का सुशासन अनुकरणीय- फडणवीस

 

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने कार्यों से सुशासन को सुपरिभाषित किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के जनहित के कार्यों से जिस तरह सामान्य लोगों के जीवन का स्तर बेहतर हुआ है, वह सुशासन का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इसकी नींव अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार ने रखी थी, जिसे ऊपर उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाना सुशासन का सर्वोत्तम उदाहरण है।

 

रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के एक प्रमुख पदाधिकारी विनय सहस्रबुद्धे ने सुशासन पर राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की अनेक सरकारें जनहित के लिए कार्य कर रही हैं। सुशासन से कम संसाधनों में भी नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा सकती हैं।

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