वैक्सिनेशन को लेकर एम आई सी सदस्य आकाश तिवारी की अनूठी पहल ….संक्रमितों की तरह वैक्सीन लगाने वाले के घरों मे लगा रहे स्टीकर…वार्ड वासियों ने इस पहल की कर रहे प्रशंसा…





रायपुर । कोरोना काल के प्रथम लहर और दूसरे लहर में संक्रमित लोगों की पहचान और उन्हें कोरोनेटाईन करने के लिये प्रशासन द्वारा संक्रमित व्यक्ति के घर के बाहर एक स्टीकर लगाया जाता था, ताकि आसपास के लोगों को यह ध्यान में रहे कि इस घर में नहीं जाना है।
सैद्धांतिक रूप से यह ज़रूरी भी था। लेकिन यह संक्रमित परिवार के लिये मानसिक रूप से पीड़ादायक भी था क्यूँकि मोहल्ले वालों का नज़रिया बदल जाता था।
इस प्रकिया ने पं. रविशंकर शुक्ल वार्ड के पार्षद आकाश तिवारी के मन को झकझोर के रख दिया।
उनके मन में यह सवाल आया कि अगर प्राकृतिक आपदा में पीड़ित व्यक्ति के घर के बाहर अगर पहचान के लिये स्टीकर शासन चिपका रही है, तो कोरोना महामारी से लड़ने जो परिवार वैक्सीन लगवा चुका है, उसे भी दरवाज़े पर स्टीकर लगाकर बताना शासन की जवाबदेही है।
बस, मन में उठे इसी सवाल को हल करने आकाश तिवारी ने अपने स्तर पर अपने वार्ड में ही इस विचार को अमलीजामा पहनाने का ठान लिया।
आकाश तिवारी ने वार्ड क्र 35 में डोर टू डोर जाकर लोगों से वैक्सीन लगवाने की जानकारी ली, और जिस परिवार का वैक्सीनेशन हो चुका है उनके घर के बाहर स्टीकर लगाया कि अब परिवार सुरिक्षत है ।
पार्षद के इस पहल से वार्डवासीयों में सम्मान का भाव पैदा हो रहा है, साथ ही लोगों में वैक्सीन लगवाने की चाहत भी बढ़ी है।
अब वार्ड का हर परिवार चाहता है कि उसके घर के बाहर भी स्टीकर लगना चाहिये कि उसका परिवार सुरक्षित है



