ना रण होगा और ना RUN,  कानून का होगा ऐक्शन; गांधी परिवार और कांग्रेस पर खूब बरसी भाजपा

नेशनल हेराल्ड केस में बुधवार को ईडी ने यंग इंडिया लिमिटेड के दफ्तर को सील कर दिया था, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी का मालिकाना हक है। इस कार्रवाई के बाद से ही कांग्रेस भड़की हुई है और उसने सरकार को रण की चुनौती दी है। कांग्रेस ने इस ऐक्शन के बाद कहा था कि अब याचना नहीं रण होगा। अब इस पर भाजपा की ओऱ से जवाब दिया गया है और कांग्रेस पर खुद को कानून से ऊपर मानने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अब कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि याचना नहीं रण होगा। पहले कहते थे कि सत्याग्रह होगा और अब रण की बात कर रहे हैं। आखिर ये लोग क्या चाहते हैं। देश के कानून से इन्हें रण करने की क्या जरूरत है। 

संबित पात्रा ने कहा कि यदि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के दफ्तर आ सकते हैं तो फिर नेशनल हेराल्ड क्यों नहीं पहुंच गए। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में अदालत क्यों नहीं गई? इसलिए नहीं गई क्योंकि वे जानते हैं कि अदालत कहेगी कि सब नियम के मुताबिक चल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी से पूछता हूं कि यदि आप इतने पाक-साफ थे तो फिर 2010 में आपने क्यों नहीं बतया कि आप यंग इंडिया के डायरेक्टर हैं। पात्रा ने कहा कि हम तो कहते हैं कि भ्रष्टाचारियों से न रण होगा और न रन होगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी में रन का अर्थ भागना होता है और हम इस मसले पर कांग्रेस को भागने नहीं देंगे। 

संबित पात्रा का तंज- ना कांग्रेस रण कर पाएगी और ना रन

भाजपा नेता ने कहा कि देश का कानून तो सबके लिए समान है, लेकिन कांग्रेस एक परिवार को इससे ऊपर मानती है। परिवार को बचाने के लिए पूरी कांग्रेस सड़क पर उतरने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कानून से भाग नहीं सकती है। यह कैसी कांग्रेस है, जो भ्रष्टाचार भी करना चाहती है और रण भी कर रही है। कांग्रेस की ओर से आतंकियों जैसा बर्ताव करने के आरोपों पर भी संबित पात्रा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ आतंकियों जैसा नहीं बल्कि भ्रष्टाचारियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।

खड़गे बोले- सरकार का मकसद सिर्फ कांग्रेस को बदनाम करना

वहीं दफ्तर सील होने पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ईडी की जो प्रक्रिया है, वह कर रही है। यह पूरा मामला राजनीतिक बदले का है। इसलिए हम इस पर बार-बार कुछ कहना नहीं चाहते। यदि सरकार चाहती है कि वह ऐसी चीजों में शामिल न हो तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनकी कोशिश यही है कि कांग्रेस को बदनाम किया जाए। भाजपा के विरोधी दलों को वो लोग खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

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