अलकायदा का दुर्दांत आतंकवादी जानें कैसे दांत का डॉक्टर बन गया

अमेरिका ने अलकायदा प्रमुख अयमान अल जवाहिरी को उसके घर में ही मार मार गिराया है। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने उसे अफगानिस्तान में ड्रोन हमले में निशाने पर लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अयमान अल जवाहिरी के निधन की पुष्टि की है। जवाहिरी ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए हमलों में 4 विमानों को हाईजैक करने में मदद की थी। आपको बता दें कि 2 विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टॉवरों से टकरा गए, जबकि तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन से टकरा गया। चौथा विमान शिकवले के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। साल 2001 की इस आतंकी घटना में करीब 3,000 लोग मारे गए थे।

EIJ का गठन किया गया था

अल जवाहिरी ने मिस्र में इस्लामिक जिहाद (EIJ) का गठन किया, जो एक उग्रवादी संगठन था, जिसने 1970 के दशक में मिस्र में धर्मनिरपेक्ष शासन का विरोध किया था। जवाहिरी चाहता था कि इस्लामी शासन मिस्र पर हावी हो। 1981 में मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात की हत्या के बाद गिरफ्तार और प्रताड़ित किए गए सैकड़ों लोगों में जवाहिरी भी शामिल थे। तीन साल जेल में रहने के बाद वह मिस्र छोड़कर सऊदी अरब आ गए

संपन्न परिवार में जन्मा था जवाहिर

अल जवाहिरी का जन्म 19 जून 1951 को मिस्र के एक संपन्न परिवार में हुआ था और पेशे से वह दांत का सर्जन था। 14 साल की उम्र में जवाहिरी मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य बन गया था और 1978 में काहिरा विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के छात्र आजा नौवारी से शादी की। उसकी शादी में पुरुषों को महिलाओं से अलग कर दिया गया था। यहां तक ​​कि फोटोग्राफर को भी दूर रखा गया। यहां तक कि हँसी-मज़ाक पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

सऊदी आने के बाद उन्होंने मेडिकल प्रैक्टिस करना शुरू किया। अल-जवाहिरी ने सऊदी अरब में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन से मुलाकात की। यहीं दोनों आतंकियों के बीच रिश्ते मजबूत होने लगे। 2001 में अल-जवाहिरी ने EIJ का अल-कायदा में विलय कर दिया। ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद जवाहिरी ने संगठन की कमान संभाली। 2011 में वह अलकायदा का सरगना बना था।

ऐसे मारा गया अल जवाहिरी

अल जवाहिरी ने काबुल में शरण ली थी। अमेरिका ने दो हेलफायर मिसाइलों को ड्रोन के जरिए शनिवार रात 9:48 बजे हमला किया। जिस समय जवाहिरी पर हमला किया उस समय वह अपने घर की खिड़की में खड़ा हुआ था। खास बात यह है कि इस हमले के वक्त काबुल में कोई अमेरिकी मौजूद नहीं था। अमेरिका ने साफ कहा कि इस हमले में उनके परिवार को निशाना नहीं बनाया गया है।

अब जवाहिरी का दामाद मोहम्मद अब्बाते संभालेगा कमान

अल जवाहिरी की मौत के बाद संभावना है कि उसका दामाद मोहम्मद अब्बाते अलकायदा की कमान संभाल सकता है, जो आतंकवादी संगठन अल-कायदा में एक वरिष्ठ नेता है। अब्द अल-रहमान अल-मघरेबी उर्फ अब्बाते पर भी अमेरिका ने 7 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ है। वह अलकायदा के मीडिया विंग अल-साहब का डायरेक्टर भी है।

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