मेडिकल कॉलेज को मिली मान्यता, संसदीय सचिव का जताया आभार संसदीय सचिव से मुलाकात कर नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई मेडिकल कॉलेज से मिलेगी क्षेत्र के विकास को गति-विनोद


महासमुंद। महासमुंद मेडिकल कॉलेज को नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी से सौ सीटों के लिए मान्यता मिलने पर नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के प्रयासों की सराहना करते हुए अभिनंदन किया। इस दौरान संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज से क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी।
गौरतलब है कि कल 29 जुलाई को एनएमसी ने पत्र भेजकर महासमुंद मेडिकल कॉलेज सौ सीटों के लिए मान्यता दी है। मेडिकल कॉलेज को एनएमसी से मान्यता के लिए संसदीय सचिव श्री चंद्राकर पिछले दो साल से प्रयासरत रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन अधिग्रहण से लेकर आवश्यक संसाधन जुटाने को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराते रहे हैं। अफसरों व मेडिकल कॉलेज के डीन से लगातार संपर्क बनाकर खरोरा के पास करीब 90 एकड़ जमीन का सीमांकन कराया गया। वहीं एनएमसी के नार्म्स को पूरा कराने आवश्यक संसाधन मुहैया कराने अपनी विधायक निधी से 23 लाख रूपए की राशि दी गई है। जिससे एनएमसी ने महासमुंद मेडिकल कॉलेज को इसी सत्र से सौ सीटों के लिए मान्यता दी है। इधर आज शनिवार को जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू, मंडी अध्यक्ष हीरा बंजारे, नगरपालिका अध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर, पूर्व नपा उपाध्यक्ष त्रिभुवन महिलांग, संजय शर्मा, जसबीर ढिल्लो, सोमेश दवे, ओमप्रकाश यादव, गौतम सिन्हा, हर्ष शर्मा, पार्षद बबलू हरपाल, अमन चंद्राकर, राजेश नेताम, राजेंद्र चंद्राकर, डमरूधर मांझी, विजय साव, कपिल साहू, बादल मक्कड़, गोलू मदनकार, दीपक ठाकुर, सूरज नायक, दीपक चंद्राकर, बबलू महानंद, दादू इमरोज, नंचू चंद्राकर, नागेश सोनकर आदि संसदीय सचिव निवास पहुंचकर संसदीय सचिव श्री चंद्राकर से मुलाकात की। इस दौरान मेडिकल कॉलेज में सौ सीटों के लिए मान्यता मिलने पर संसदीय सचिव श्री चंद्राकर को बधाई देते कहा कि क्षेत्र की जनता जानती है कि महासमुंद में मेडिकल कॉलेज को लेकर उनके द्वारा कितना प्रयास किया गया है। श्री चंद्राकर का अथक प्रयास का परिणाम ही है कि एनएमसी से मान्यता मिल सकी। इधर संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने मेडिकल कॉलेज में सौ सीटों की मान्यता मिलने पर कहा कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्षेत्र की उन्नति और ऊंचाइयों को गति मिलेगी।

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