सोनिया गांधी से संजय राउत तक, ED ने इन दिग्गज नेताओं पर कसा है शिकंजा

नई दिल्ली- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के द्वारा पूछताछ की गई है। वहीं, पश्चिम बंगाल में जांच एजेंसी ने ममता बनर्जी की सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया है। उनके करीबी अर्पिता मुखर्जी के दो घरों से अब तक 50 करोड़ से अधिक कैश और पांच किलो सोने के गहनों की बरामदगी हो चुकी है। कुछ महीने पहले ईडी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन को भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था।

ऐसे नेताओं की लंबी लिस्ट है, जिनके खिलाफ ईडी ने हाल के दिनों में कार्रवाई की है।

सोनिया और राहुल गांधी, कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशल की टीम ने घंटों पूछताछ की है। उनसे नेशनल हेराल्ड और यंग इंडियन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में सवाल-जवाब किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, यंग इंडियन ने कांग्रेस को 1 करोड़ रुपये में से केवल 50 लाख रुपये का भुगतान किया था, जो कि डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड से था। ईडी को संदेह है कि यह कोलकाता स्थित एक मुखौटा कंपनी है। सोनिया और राहुल गांधी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दिल्ली की एक अदालत ने उनके खिलाफ आरोपों का संज्ञान लिया था और आयकर आकलन रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराधों के लिए मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। 

कार्ति चिदंबरम, कांग्रेस सांसद
तलवंडी साबो पावर लिमिटेड परियोजना के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत के लिए चीनी श्रमिकों को वीजा की सुविधा देने में उनकी कथित संलिप्तता के लिए कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की ईडी द्वारा जांच की जा रही है। यह आरोप लगाया गया है कि यूपीए सरकार के तहत गृह मंत्रालय ने 2011 में कार्ति चिदंबरम की रिश्वत के बदले चीनी नागरिकों के लिए कथित रूप से अवैध वीजा को मंजूरी दे दी थी। कार्ति के पिता पी चिदंबरम उस समय गृह मंत्री थे। कार्ति ने इस मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसका ईडी ने विरोध किया था।

पी चिदंबरम, कांग्रेस
आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल मैक्सिस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की ईडी जांच कर रही है। ईडी ने इससे पहले आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया था।

भोला यादव, आरजेडी
रेल मंत्री रहे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पूर्व ओएसडी भोला यादव को सीबीआई ने हाल ही में गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने आईआरसीटी से जमीन के बदले नौकरी देने के घोटाले में भोला यादव के खिलाफ एक्शन लिया है। सीबीआई राज्य में उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की। रेलवे भर्ती घोटाले में सीबीआई अधिकारी भोला यादव से पूछताछ कर रहे हैं। आरोप है कि साल 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे तब भोला यादव उनके ओएसडी रहते हुए रेलवे में जमीन के बदले नौकरी दिलाए। उन्हें इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

अनिल देशमुख, एनसीपी
सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप में अनिल देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री देशमुख और उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच शुरू की थी। ईडी ने नवंबर 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया था और अभी वह न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में उनको इस साल अप्रैल में उन्हें गिरफ्तार किया था। वह इस मामले में भी न्यायिक हिरासत में हैं।नवाब मलिक, एनसीपी
ईडी ने अंडरवर्ल्ड के भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहीम और उसके साथियों की गतिविधियों से जुड़े धन शोधन के एक मामले में 23 फरवरी को धन शोधन (निवारण) अधिनियम (पीएमएलए) के तहत नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था। वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं। मलिक ने चिकित्सकीय आधार पर छह सप्ताह की अस्थायी जमानत मांगी थी, हालांकि अदालत ने इनकार कर दिया था। मलिक ने दावा किया था कि वह गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं। ईडी ने नवाब मलिक और उनके परिवार के लोगों की संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है। संपत्तियों में परिवार की ओर से संचालित फर्म सॉलिडस इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और मलिक इन्फ्रास्ट्रक्चर भी है।

अनिल परब, शिवसेना
ईडी ने हाल ही में महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता अनिल परब के खिलाफ मामला दर्ज किया था। ईडी ने परब के दो आवासों सहित सात स्थानों पर भी छापेमारी की थी। परब द्वारा तटीय नियामक क्षेत्र (सीआरजेड) नियमों के उल्लंघन में रत्नागिरी के दापोली में बनाए गए एक रिसॉर्ट के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया था।

संजय राउत, शिवसेना
शिवसेना सांसद संजय राउत अपनी पत्नी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच के घेरे में हैं। वित्तीय जांच एजेंसी मुंबई के गोरेगांव उपनगर – पात्रा चॉल घोटाला में एक पुनर्विकास परियोजना में कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही है। ईडी इनसे भी कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी है। ईडी के अनुसार, 2010 में अपराध की आय का एक हिस्सा (83 लाख रुपये) संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी प्रवीण राउत से प्राप्त हुआ था। इस राशि का कथित तौर पर वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदने के लिए उपयोग किया था। ईडी की जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने माधुरी राउत को 55 लाख रुपये ट्रांसफर किए।

अजीत पवार, एनसीपी
एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अजीत पवार अपने परिवार के सदस्यों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच के घेरे में हैं। ईडी ने आरोप लगाया है कि कई बेनामी संपत्तियों में अवैध धन का इस्तेमाल किया गया था, जिन्हें हाल ही में कुर्क किया गया था।

फारूक अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच के घेरे में हैं। यह मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (JKCA) में 43 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता से जुड़ा है। जब कथित अपराध हुआ था तब अब्दुल्ला जेकेसीए के प्रमुख थे।

अभिषेक बनर्जी, टीएमसी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी अपनी पत्नी रुजीरा बनर्जी के साथ कथित कोयला तस्करी मामले में ईडी की जांच के घेरे में हैं। इस मामले में जहां अभिषेक बनर्जी से ईडी दो बार पूछताछ कर चुकी है।

डीके शिवकुमार, कांग्रेस
कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच के घेरे में हैं। शिवकुमार को ईडी ने इस मामले में 2019 में कई दौर की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं। मामला कथित कर चोरी और हवाला सौदे के आरोप में बेंगलुरु की एक अदालत में शिवकुमार और अन्य के खिलाफ दायर एक पूर्व आयकर विभाग के आरोपपत्र पर आधारित है।

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