किसानों की शिकायतें सुनने केंद्र ने लांच किया एफजीआर पोर्टल, छत्तीसगढ़ से की शुरुआत

रायपुर। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों की शिकायतों की सुनवाई के लिए आनलाइन वेबपोर्टल लांच किया। छत्तीसगढ़ में किसान शिकायत निवारण (एफजीआर) पोर्टल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गुरुवार सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लांच किया गया। इसमें किसानों की खेती-किसानी से जुड़ी विशेषकर फसल बीमा से संबंधित शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।

इस पोर्टल को केंद्र सरकार पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फिलहाल छत्तीसगढ़ में लागू कर रही है। इसके परिणाम को देखने के बाद पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा। टोल फ्री नंबर 14447 पर काल करके किसान अपनी समस्याएं और शिकायतें इस पोर्टल में आनलाइन दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के निराकरण की सूचना उन्हें आनलाइन ही मिलेगी।

राज्य की किसान हितैषी नीतियों को देखते हुए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना

इसको लेकर केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के कृषि उत्पादन आयुक्त छत्तीसगढ़ को कृषि विभाग अधिकारियों सहित कृषक प्रतिनिधियों, किसानों एवं पंचायतों के पदाधिकारी की ऑनलाईन भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें शॉर्ट कोड 14447 से अवगत कराने को कहा है।

गौरतलब है कि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा देश भर के किसानों की खेती-किसानी संबंधी विशेषकर फसल बीमा से संबंधित शिकायतों के निदान के लिए किसान शिकायत निवारण पोर्टल (एफजीआर) तैयार किया गया है। इस पोर्टल को फिलहाल केन्द्र सरकार द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है। जिसके परिणाम को देखते हुए बाद में पूरे देश में लागू किया जाएगा।

कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का चयन प्रधानमंत्री फसल बीमा के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य की बेहतर परफॉरमेंस और बीमा दावा राशि के भुगतान में देश का अग्रणी राज्य होने की वजह से किया गया। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों के पंजीयन, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सहित राजीव गांधी न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना आदि के लिए तैयार किए गए एकीकृत किसान पोर्टल के उल्लेखनीय परिणामों को देखते हुए एफजीआर के बीटा वर्जन की शुरूआत की है।

एफजीआर पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी खेती-किसानी विशेषकर फसल बीमा से संबंधित समस्याओं का निदान प्राप्त कर सकेंगे। किसानों द्वारा टेलीफोन अथवा मोबाइल के माध्यम से बताई गई समस्याएं एवं शिकायतों इस पोर्टल में आनलाइन दर्ज होंगी, जिसके निदान की सूचना उन्हें आनलाइन प्राप्त होगी।

Related posts

Leave a Comment