छत्तीसगढ़ दवा निगम में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया – रिजेक्टेड दवाईयों का निकला टेंडर

रायपुर छत्तीसगढ़ दवा निगम में एक बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सीजीएमएससी नें गैर जरुरी दर्द निवारक पैचेस की खरीदी के लिए निविदा जारी की है। निविदा क्रमांक 149 ई(पी) नवंबर माह में जारी की थी। जबकि दर्द निवारक पैचेस की खरीदी का मामला पूरा तरह विवादों में रहा है। इसके पहले भी सीजीएमएससी को पैचेस की खरीदी के लिए डिमांड सीजीएमएससी को मिली थी। लेकिन पूर्व एमडी ने इसे गैर जरूरी बताकर खरिज कर दिया था। अब फिर से राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज से डिमांड बताकर दो साल के लिए रेट कांट्रेक्ट करने की तैयारी की जा रही है

इस पूरे खेल के पीछे सीजीएमएससी की तकनीकी टीम को जिम्मेदार बताया जा रहा है। कुछ निविदाकारों को फायदा पहुंचाने के लिए वर्तमान एमडी को अंधेरे में रखकर निविदा जारी करवाई गई है। जबकि इन दर्द निवारक पैचेज को अनुपयोगी और बेकार मानकर पूर्व में 3 बार डिमांड खारिज कर दिया गया था। बता दें कि पूर्व में कॉर्पोरेशनके प्रबंध संचालक भुवनेश यादव के कार्यकाल में खरीदी की प्रक्रिया के प्रयास किए गए थे। जिसे उन्होंने जारी करने से इंकार कर दिया था।

क्या होता पैच

इस पैच को बॉडी के उस हिस्से की स्किन पर चिपका दिया जाता है। जहां पर पेशंट को दर्द होता है। स्किन पर चिपकने के साथ ही यह क्रॉनिक पेन को कंट्रोल कर लेता है। इस पैच में दर्द निवारक जेल लगा रहता है। यह का सिर्फ दर्द निवारक दवा से हो सकता है।

दर्द निवारक पैचेस की खरीदी को इक्विपमेंट विंग की निविदा जारी की गई है, ना कि दवा विंग में। जबकि पैचेस का उपयोग दर्द निवारक के लिए किया जाना है। इसलिए निविदा मेडीसिन के नाम पर होनी चाहिए। इससे साफ है कि चुनिंदा सप्लायरों को लाभ पहुंचाने के लिए यह निविदा जारी की गई है।

किसी भी राज्य में नहीं हुई है खरीदी

इस प्रकार के दर्द निवारक पैचेज की खरीदी अन्य किसी भी राज्य में आज तक नही की गई है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर सीजीएमएससी के ऊपर ऐसा कौन सा दबाव है कि फिर से पैचेस खरीदी की निविदा को जारी कर दिया गया है।

सीजीएमएससी द्वारा खरीदे जाने वाले दर्द निवारक पैचेस निगम की आवश्यक दावा सूची में शामिल नहीं है पर फिर भी इसकी खरीदी के लिए टेंडर बुलाया गया है। टेंडर में खरीदे जाने वाले दर्द निवारक आंख, पेट, शुगर,खांसी और माहवारी के दौरान होने वाले दर्द से बचाव के लिए हैं।

एडवांस कार्डियक इंस्टीट्युट की है मांग

जारी निविदा में बताया गया है कि पैचेस मांग एडवांस कार्डियक इंस्टीट्युट से आई है। जबकि कार्डिक युनिट के विशेषज्ञों का कहना है कि एडवांस कार्डियक इंस्टीटूट से डिमांड नहीं भेजी गई है। इस संबंध में सीजीएमएससी के एमडी का कहना है कि राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज से डिमांड की गई है

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