जनता को धोखे के सिवाय कुछ नहीं दे पायी कांग्रेस सरकार…आलोक

 

जनता को धोखे के सिवाय कुछ नहीं दे पायी कांग्रेस सरकार…आलोक

भाजपा के विकास कार्यों को कांग्रेस अपना बता जनता को गुमराह कर रही…आलोक

शिलालेख हटाने की राजनीति गलत..अवस्थी

 

जगदलपुर।भाजपा शासनकाल के दौरान जगदलपुर शहर में स्वीकृत सेंट्रल ई लाइब्रेरी भवन के भूमिपूजन कार्य के शिलालेख को वर्तमान कांग्रेस सरकार के द्वारा हटाकर उसे अपना कार्य बता श्रेय लेने की राजनीति शुरू हो गई है। इस संबंध में जगदलपुर के मोतीलाल नेहरू वार्ड के भाजपा के वरिष्ठ पार्षद आलोक अवस्थी ने कांग्रेस सरकार पर इस काम की स्वीकृति को अपना बताकर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए बयान जारी किया है।

श्री अवस्थी ने अपने जारी बयान में स्पष्ट तौर पर कहा है कि, बस्तर संभाग के लिए सर्वसुविधायुक्त सेंट्रल लाइब्रेरी जिसे ई-लाइब्रेरी के रूप में स्थापित करके उसमें सौ से भी अधिक रीडिंग कम्प्यूटर लगाने की योजना थी और यह कार्य 13 अक्टूबर 2017 को पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह जी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप जी,पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप जी,जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक श्री संतोष बाफना जी सहित एवं अन्य अतिथियों के द्वारा स्वीकृत कार्य का भूमिपूजन किया गया था। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट में शामिल माॅ दंतेश्वरी मंदिर से एनएमडीसी रेस्ट हाउस तक प्रगति पथ व गुरूगोविन्द सिंह चौक से जिला न्यायालय होते हुए बोधघाट तक सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत हुए थे। वर्तमान कांग्रेस सरकार की इन विकास कार्यों को सुगमता से करवाने की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए थी किन्तु राज्य में सरकार बदलने के बाद कांग्रेस की सरकार एवं वर्तमान जनप्रतिनिधि भाजपा के द्वारा स्वीकृत कराए गए कार्यों को केवल अपना कार्य बता कर जनता से फरेब करने का कार्य कर रहे हैं और उसे अपने द्वारा स्वीकृत कार्य बताते हैं।

अब क्षेत्र की जनता को स्पष्ट रूप से समझ में आ गया है कि कांग्रेस सरकार का विकास कार्यों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना ही नहीं है। काॅग्रेस की सरकार बने हुए 2 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन ये जनता को धोखे के सिवाय कुछ नहीं दे पाए हैं।

आलोक अवस्थी ने इस संबंध जिला प्रशासन से अपने जारी बयान में मांग की है कि, वर्तमान सरकार पूर्व सरकार के विकास कार्यों का श्रेय लेने हेतु ऐसे कृत्य कर रही है इसलिए जिला प्रशासन से मेरी मांग है कि भूमिपूजन के शिलालेख को भी उचित स्थान पर पुनः स्थापित किया जाये । इसके अलावा प्रगति पथ एवं गुरूगोविंद सिंह चौक से बोधघाट तक स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य का पूर्व में किये गए भूमिपूजन का शिलालेख भी स्थापित किया जाये। साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के जिन मापदंड के हिसाब से सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति मिली थी उसका पूरी तरह से पालन किया जाए। बस्तर अंचल के साहित्य ऋषि स्व.लाला जगदलपुरी के नाम पर ई पुस्तकालय जिला ग्रंथालय का नामकरण किये जाने का हम स्वागत करते है।

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