चचेरी बहनों ने मंदिर में रचा ली शादी, बोलीं- लेस्बियन कपल कहलाने में कैसी शर्म

 

झारखंड के कोडरमा में दो लेस्बियन चचेरी बहनें शिव मंदिर में शादी करने के बाद  परिवार से अलग अपनी पहचान छिपाकर रही रही हैं। अब लेस्बियन कपल को कानून से संरक्षण की उम्मीद है। लेस्बियन कपल का कहना है कि उन्हें समलैंगिक संबंधों के कारण कोई शर्मिंदगी नहीं हैं l कहते है जब इश्क परवान चढ़ता है, तो जाति, धर्म, भेदभाव हर कुछ खत्म हो जाता है। झारखंड के कोडरमा  में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां दो चचेरी बहनों  ने आपस में मंदिर में शादी रचा कर परिवार से अलग रह रही हैं। लेस्बियन कपल में एक की उम्र 24 साल तो दूसरी 20 साल की है, एक ने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी की है तो दूसरी ने इंटर तक।

परिवार और समाज के डर से पहचान छिपाकर रह रहा है लेस्बियन कपल l बहरहाल आज दोनों बहनें परिवार और समाज के डर से पहचान छिपाकर अलग रह रही है। लेस्बियन कपल का कहना है कि अब वे एक दूसरे का सहारा हैं और एक दूसरे के साथ अंतिम सांस तक रहना है। लेस्बियन कपल ने कहा कि बाधाएं जितनी भी आए, वह हमेशा साथ रहेंगे।

‘लेस्बियन कपल कहलाने में शर्म नहीं’

रिश्ते में चचेरी बहनें पांच साल से एक-दूसरे को प्यार कर रही हैं। पिछले महीने दोनों ने शादी की। लेस्बियन कपल ने कहा कि अब जितनी भी मुश्किल आ जाएं, वे हमेशा एक दूसरे के साथ रहेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें लेस्बियन कपल कहलाने में किसी तरह की शर्मिंदगी महसूस नहीं होती है।

झुमरी तिलैया की रहने वाली हैं दोनों बहनें, 8 नवंबर को शादी की

दोनों बहनें झुमरी तिलैया की रहने वाली हैं और दोनों के घर भी आसपास हैं। बहनों ने बताया कि 8 नवंबर को उन्होंने स्थानीय शिव मंदिर में विवाह किया है और फिलहाल तो वे पहचान छिपाकर रह रही हैं लेकिन आगे उनका मकसद किसी दूसरे शहर में जाकर रहना है, जहां उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो और उनका सफर आसानी से चलता रहे।

न्यूयॉर्क के लैसबियन कपल से प्रभावित होकर अपने प्यार को अंजाम तक पहुंचाने का उठाया कदम

उन्होंने बताया कि उन दोनों को भली-भांति पता था कि समलैंगिक संबंधों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। दोनों ने, न्यूयॉर्क की अंजलि चक्रवर्ती और सूफी सन्डल्स लैसबियन कपल से प्रभावित होकर अपने प्यार को मुकाम तक पहुंचाने की ठानी है।

सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक संबंधों को दी है मान्यता

इधर, कानून के जानकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक संबंधों को अप्राकृतिक अपराध की श्रेणी में रखनी वाली धारा को संशोधित कर समलैंगिक संबंधों को मान्यता दी है। अधिवक्ता शैलेन्द्र कुमार अभय ने बताया कि समलैंगिक जोड़े को अगर किसी तरह की परेशानी है तो वह जिला प्रशासन के संरक्षण में जा सकते हैं।

परिवार से अलग रह रही हैं दोनों बहनें

समलैंगिक संबंधों से जुड़ा यह कोडरमा जिले का पहला मामला है। हालांकि जब परिवार को इन दोनों चचेरी बहनों के समलैंगिक संबंधों का पता चला तो परिवार की तरफ से समझाने का प्रयास भी किया गया, जिसके बाद परिवार के दबाव से दोनों बहनें परिवार से अलग रह रही हैं और खुद के रिश्ते को मुकाम तक पहुंचाने की बात कह रही हैं।

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