राजधानी रायपुर की पुलिस ने पकड़ा मायाजाल, झारखंड के तस्कर देते थे अफीम की डिलीवरी – ट्रक चालकों को बेचते थे डोडा

 

रायपुर: राजधानी में अफीम और डोडा चूरा सप्लाई करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड सुंदर सिंह संधु का नेटवर्क सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि झारखंड तक फैला है। पुलिस की जांच में कई राज खुले हैं। झारखंड के सौदागरों से वह सस्ते दाम पर अफीम और डोडा चूरा खरीदता था।

राजधानी रायपुर में अफीम और डोडा चूरा सप्लाई करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड सुंदर सिंह संधु का नेटवर्क सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि झारखंड तक फैला है। पुलिस की जांच में कई राज खुले हैं। झारखंड के सौदागरों से वह सस्ते दाम पर अफीम और डोडा चूरा खरीदता था।

वह गिरोह मंदिरहसौद स्थित सुंदर के ढाबा तक मादक पदार्थ पहुंचाता था। इसके बाद वह अपने ढाबा में छिपाकर अफीम और डोडा नशेड़ियों को बेचता था। गिरोह का मास्टर माइंड सुंदर सिंह सालभर से अधिक समय से अफीम और डोडा चूरा की बिक्री करता था। पुलिस अब नशे के सौदागरों की डिटेल खंगाल रही है।

50 हजार में खरीदता था अफीम

पुलिस के मुताबिक अफीम व डोडा सप्लाई करने वाला झारखंड का गिरोह मंदिरहसौद तक पहुंचाकर करीब 50 हजार रुपए प्रतिकिग्रा की दर से सुंदर को अफीम बेचता था। सुंदर उसे करीब एक लाख रुपए प्रति किग्रा के हिसाब से चिल्हर में बेचता था। वहीं, 5 से 6 हजार रुपए किग्रा में डोडा बेचता था।

डोडा के ट्रक ड्राइवर थे खरीदार

पुलिस के मुताबिक सुंदर के ढाबा के अधिकतर ट्रक ड्राइवर डोडा खरीदते थे। ट्रक चालक रात में नींद नहीं आने के लिए डोडा का उपयोग करते थे। यही वजह है, सुंदर ने हाईवे के किनारे ढाबा खोला था और वहां ट्रक चालकों की रात में भीड़ भी होती थी।

यह था मामला

गौरतलब है, गिरोह का मास्टर माइंड सुंदर सिंह, शोभा सावलानी और किरण चंदानी को अफीम और डोडा चूरा के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से 12 किग्रा अफीम और 44 किलो डोडा चूरा मिला, जिसकी कीमत 16 लाख रुपए थी। दोनों महिलाएं कमीशन पर अफीम और डोडा की डिलीवरी देती थीं। तीनों को अक्टूबर में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

कुछ नए तथ्य मिले, जिसकी जांच की जा रही

अफीम और डोडा के साथ गिरफ्तार सुंदर सिंह केस की जांच की जा रही है। कुछ नए तथ्य मिले हैं, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

– विनीत दुबे, थाना प्रभारी, तेलीबांधा

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