कोरोना कॉल में समर्थन मूल्य में मक्का नही खरीदना,बस्तर के किसानों के साथ ,सरकार का अन्याय-मुक्तिमोर्चा

कोरोना कॉल में समर्थन मूल्य में मक्का नही खरीदना,बस्तर के किसानों के साथ ,सरकार का अन्याय-मुक्तिमोर्चा

बस्तर के 30 हजार हेक्टयर में शासकीय योजनाओं के तहत हो रही हैं। मक्का की खेती-मुक्तिमोर्चा

शासन व प्रशासन की उदासीनता से खरीदी केंद्र नही बनने से ,किसान कम दर पर बिचौलियों को मक्का बेचने को मजबूर-मुक्तिमोर्चा

सरकारी खरीदी केंद्र जल्द प्रारम्भ नही पर ,बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा किसानों के साथ मिलकर करेगा आंदोलन-नवनीत  चाँद कोरोना काल ने बस्तर के किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ सरकार की लापरवाही भरे फैसलों के चलते कोरोना के संक्रमण का फैलाव वही ,कड़ी मेहनत व लागत के बाद खेत के मक्के से भरी फसल के गिरते दाम की मार ,ऐसे वक्त में जिस सरकार को किसान हितेषी मान मतदान किया था। वो भी किसान के बुरे वक्त में जुमले भरी राहत पैकेज का एलान कर रहा है। जिसका जमीनी स्तर पर किसान को कोई लाभ नहीं। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संयोजक नवनीत चाँद ने जारी बयान में कहा है। कि बस्तर के किसानों से समर्थन 1860 रुपये मूल्य में मक्का की खरीदी अब तक प्रारम्भ नही करना सरकार का बस्तर के किसानों के साथ अन्याय है। गौरतलब हो कि सरकार की किसान हितेषी योजनाओं के संचालन से बस्तर में मक्का की खेती का रकबा 30 हजार हेक्टर से पार पहुच चुका है। जिस से बस्तर का किसान धान के फसल के बाद मक्का के फसल की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। विगत वर्ष देश विदेश में मक्का की अच्छी मांग के चलते किसानों को लागत से अधिक दाम मिल गया था । पर इस वर्ष कोरोना के मार के चलते सभी देश मे आर्थिक तंगी के चलते मक्का का दर लागत से भी कम हो गया है। जो निरंतर कम होता जा रहा है। ऐसे में बस्तर के जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की उदासीनता के चलते सरकार पर बस्तर में सरकार मक्का खरीदी केंद्र न तय हो पाए हैं। न अब तक खुल पाए हैं। केंद्र व राज्य की किसान हितेषी बिलों के वादे जमीन पर कही संचालित होते हुए नही दिख रहे हैं। जिस से बस्तर के किसानों को समर्थन मूल्य से कम दर पर बिचोलियों के व्यपारियो को मक्का बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों के हितों को लेकर सरकार स्तानीय जनप्रतिनिधियों गम्भीर नही है। इसी कारण प्रशासन भी कोई गम्भीर रणनीति बनाने से बच रहा है। पूरा ध्यान धान खरीदी में लगा रहा है। जिसका बड़ा खामियाजा बस्तर के मक्का पैदावार किसानों को उठानी पड़ रही है। मुक्तिमोर्चा ने अपने जारी बयान में कहा है। कि यदि जल्द सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासन द्वारा सरकारी समर्थन मूल्य में मक्का खरीदी केंद्र नही प्रारम्भ किया तो ,बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा बस्तर के किसानों के साथ मिलकर आंदोलन की राह अख्तियार करेगा*

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